त्योहारों के उल्लास में खलल डालने वालों की खैर नहीं, योगी सख्त; अफसरों की छुट्टियां रद्द!
दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
बाजारों में 24 घंटे पुलिस निगरानी के निर्देश
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। आगामी त्योहारों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था से लेकर नागरिक सुविधाओं तक प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के उल्लास और सामाजिक सौहार्द में खलल डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई होगी। दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली को देखते हुए शासन से लेकर तहसील और थानों तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखते हुए अफवाह और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

बाजारों और धार्मिक स्थलों पर रहेगी पैनी नजर
मुख्यमंत्री ने धनतेरस और दीपावली के दौरान प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास 24 घंटे पुलिस निगरानी, पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और पीआरवी-112 को लगातार सक्रिय रखा जाएगा।
अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान पहले से तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।
पटाखों की दुकानों पर भी सख्ती
पटाखों की बिक्री के लिए दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही स्थापित किए जाएंगे। अग्निशमन विभाग को पर्याप्त संसाधनों के साथ 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लाइसेंस और एनओसी जारी करने में अनावश्यक देरी न करने को कहा गया है।
बिजली-पानी और सफाई व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। सड़कों पर गड्ढे, जलभराव और कूड़े के ढेर नहीं मिलने चाहिए। नियमित सफाई, सैनिटाइजेशन, एंटी-लार्वा फॉगिंग और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के दौरान रोस्टरमुक्त निर्बाध बिजली आपूर्ति और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसें चलाने तथा अनफिट और डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने को कहा गया है। निजी बसों में मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर भी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
राशन में घटतौली पर नजीर बनेगी कार्रवाई
त्योहारों की तैयारियों के साथ मुख्यमंत्री ने जनहित और कर्मचारी कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को जवाबदेह बनाया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घटतौली की शिकायत मिलने पर ऐसी कठोर कार्रवाई करने को कहा, जो दूसरों के लिए उदाहरण बने। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय त्योहार से पहले उनके खातों में भेजने के निर्देश दिए।
खाद की कालाबाजारी और धान खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने को कहा। खाद की जमाखोरी, कृत्रिम किल्लत और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
धान क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी उपज की पारदर्शी तरीके से तौल सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचे बिना निराश होकर क्रय केंद्र से वापस न लौटे।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों सहित मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
