लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात 19 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी आदेश में कई जिलों के अपर जिलाधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और अपर नगर आयुक्त स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ में बदले अहम अधिकारी
श्री आलोक कुमार वर्मा को मुख्य राजस्व अधिकारी सुलतानपुर से हटाकर अपर आयुक्त वाराणसी मंडल बनाया गया है। वहीं दुर्गेश मिश्रा को वाराणसी नगर निगम से गोरखपुर नगर निगम में अपर नगर आयुक्त के पद पर भेजा गया है। मेरठ में तैनात ब्रजेश कुमार सिंह को अपर जिलाधिकारी (नगर) पद पर यथावत रखा गया है।
संस्कृति विश्वविद्यालय और लोक सेवा आयोग में भी बदलाव
श्रीमती सुधि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी सुलतानपुर बनाया गया है, जबकि सुशील प्रताप सिंह को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का कुलसचिव, अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय तथा संयुक्त सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है। उधर चंदौली के उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्र को उप सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज भेजा गया है।
अजीत कुमार सिंह को गौतमबुद्ध नगर भेजा गया
मुजफ्फरनगर में स्थानांतरणाधीन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह को अब गौतमबुद्ध नगर में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन के इस निर्णय को नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई जिलों में बदले गए एडीएम और सीआरओ
अनिल प्रताप सिंह को सीतापुर से मुजफ्फरनगर भेजा गया है। राजीव राज को उन्नाव से जालौन का अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वहीं नवीन कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव की जिम्मेदारी दी गई है। नितीश कुमार सिंह को बुलंदशहर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बनाया गया है, जबकि प्रमोद कुमार पाण्डेय को आजमगढ़ मंडल का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
गाजीपुर, बलिया और बदायूं में नई तैनाती
आयुष चौधरी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर से हटाकर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर भेजा गया है। सुनील कुमार त्रिवेदी को नया मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर बनाया गया है। वहीं बलिया के मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन को बदायूं का अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नियुक्त किया गया है, जबकि सुरेश कुमार पाल को बदायूं से मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया भेजा गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त करने की कवायद
शासन स्तर पर माना जा रहा है कि इन तबादलों के जरिए विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया गया है। कई संवेदनशील जिलों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती को आगामी प्रशासनिक चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।