रिवर हाइट्स AOA चुनाव पर अचानक ब्रेक: पुलिस पहुंची, टेंट लगे, फिर क्यों टल गया मतदान ?
NEWS1UP June 14, 2026 0
14 जून को होने वाला चुनाव ऐन वक्त पर स्थगित, 21 जून नई तारीख
हाईकोर्ट के आदेश और प्रशासनिक पत्राचार के बीच उठे कई सवाल

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एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की बहुचर्चित रिवर हाइट्स सोसायटी में एओए चुनाव को लेकर शनिवार को ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 जून को प्रस्तावित मतदान ऐन मौके पर स्थगित कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद शनिवार सुबह सोसायटी में चुनाव जैसा पूरा माहौल दिखाई दिया।

कुछ प्रत्याशियों ने टेंट लगवाकर निवासियों के बैठने की व्यवस्था कर दी, मतदाता मतदान की उम्मीद में पहुंचने लगे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि चुनाव तो एक दिन पहले ही स्थगित किया जा चुका था। अब सवाल यह है कि जब चुनाव नहीं होना था, तो इतनी व्यापक तैयारियां आखिर किस आधार पर की गईं ?
पहले 14 जून की घोषणा, फिर अचानक स्थगन
नामित चुनाव अधिकारी रिचा चौधरी (सहायक निदेशक, मत्स्य) ने 3 जून को जारी पत्र में 14 जून को चुनाव कराने की घोषणा की थी। इसके बाद 13 जून को जारी एक अन्य पत्र में उन्होंने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश संख्या 1148 दिनांक 12 जून के कुछ निर्देशों का अनुपालन किया जाना है, इसलिए चुनाव कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जा रहा है।
बाद में कार्यकारी अध्यक्ष और सचिव को भेजे गए पत्र में 21 जून को चुनाव कराने की नई तारीख घोषित कर दी गई। हालांकि चुनाव स्थगन के पीछे क्या विशेष परिस्थितियां थीं, इसका स्पष्ट उल्लेख किसी भी पत्र में नहीं किया गया।
स्थगन के बाद भी चुनावी माहौल क्यों बना रहा ?
सबसे दिलचस्प स्थिति रविवार सुबह देखने को मिली। राजनगर एक्सटेंशन के कई सोशल मीडिया समूहों में 14 जून को चुनाव होने की सूचनाएं प्रसारित होती रहीं। इसका असर यह हुआ कि कई निवासी मतदान स्थल की ओर पहुंचने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने टेंट लगवाकर बैठने की व्यवस्था तक कर दी थी। दूसरी ओर मोरटा चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।
ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि यदि 13 जून को ही चुनाव स्थगित करने का आदेश जारी हो चुका था तो,
चुनाव होने की सूचना किसने प्रसारित की ?
प्रत्याशियों ने तैयारियां किस आधार पर कीं ?
पुलिस को चुनाव संबंधी सूचना किसने दी ?
और सबसे महत्वपूर्ण, चुनाव स्थगन की जानकारी संबंधित पक्षों तक समय पर क्यों नहीं पहुंची ?
डिप्टी रजिस्ट्रार का पत्र बढ़ा रहा है रहस्य

पूरे मामले में नया मोड़ उस समय आया जब डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा 13 जून को जारी पत्र की जानकारी सामने आई। इस पत्र में नामित चुनाव अधिकारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका संख्या 19745/2026 में पारित आदेश तथा यूपी अपार्टमेंट एक्ट-2010 और मॉडल बायलॉज-2011 की धारा-4 तथा धारा-7 के प्रावधानों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लेकिन इसी पत्र में डिप्टी रजिस्ट्रार ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी ओर से निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यहीं से पूरा मामला और अधिक उलझता नजर आता है।
हाईकोर्ट का आदेश 20 मई को आया था, फिर देरी क्यों हुई ?
जानकारों का कहना है कि संबंधित याचिका में हाईकोर्ट का आदेश 20 मई को ही पारित हो चुका था। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं,
क्या तब से लेकर अब तक न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन किया गया ?
यदि अनुपालन किया गया था तो मतदान से एक दिन पहले चुनाव स्थगित करने की जरूरत क्यों पड़ी ?
और यदि अनुपालन नहीं हुआ था तो चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय यह स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई ?
इन सवालों का जवाब फिलहाल किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं मिलता।
डिप्टी रजिस्ट्रार से नहीं हो सका संपर्क
मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में चुनाव स्थगन के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
अब 21 जून पर टिकी हैं निगाहें
रिवर हाइट्स का एओए चुनाव पिछले कई माह से विवादों, शिकायतों, कानूनी बहसों और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण चर्चा में बना हुआ है। अब नई तारीख 21 जून तय की गई है, लेकिन पिछले घटनाक्रमों को देखते हुए निवासियों के मन में एक ही सवाल है
क्या 21 जून को आखिरकार मतदान होगा, या रिवर हाइट्स के चुनावी विवाद में कोई नया अध्याय जुड़ने वाला है ?
