गाजियाबाद RWA फेडरेशन: 10 साल का विवाद, अब निर्णायक चुनाव !!
2016 से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चला विवाद, दो समानांतर चुनावों के बाद मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंचा
अब 1 अगस्त को नई कार्यकारिणी चुनने की तैयारी
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। आखिरकार वह घड़ी आ गई है, जिसका इंतजार गाजियाबाद की सैकड़ों रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों को लगभग एक दशक से था। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) फेडरेशन में वर्षों से चले आ रहे चुनावी विवाद के बीच अब नियमित निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी एवं जीएसटी प्रभारी राधा मोहन द्विवेदी ने निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार 1 अगस्त 2026 को मतदान होगा तथा उसी दिन मतगणना के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

यह चुनाव केवल पदाधिकारियों के चयन की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि करीब दस वर्षों से विवादों, न्यायालयी कार्यवाहियों और संगठनात्मक गतिरोध से जूझ रहे फेडरेशन में लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ चुनावी विवाद ?
गाजियाबाद RWA फेडरेशन का नियमित कार्यकाल समाप्त होने के बाद वर्ष 2016 से नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर मतभेद शुरू हो गए। संगठन के भीतर सदस्यता, प्रतिनिधित्व और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग मत सामने आए। समय बीतने के साथ ये मतभेद गहरे होते गए और फेडरेशन नियमित चुनाव नहीं करा सका। परिणामस्वरूप संस्था कालातीत स्थिति में पहुंच गई।
विवाद की जड़ बनी मतदाता सूची
फेडरेशन से जुड़े पदाधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनावी विवाद का सबसे बड़ा कारण मतदाता सूची रही। अंतिम मतदाता सूची में किन-किन नामों को शामिल किया जाए, इस प्रश्न को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद उभर आए।
12 जून 2016: पहली सामान्य सभा और निर्विरोध चुनाव का दावा
विवाद ने निर्णायक रूप तब लिया जब 12 जून 2016 को फेडरेशन के एक गुट ने सामान्य सभा (जनरल बॉडी) की बैठक आयोजित कर पदाधिकारियों के निर्विरोध निर्वाचन का दावा किया। इस निर्वाचन को लेकर दूसरे पक्ष ने प्रक्रिया की वैधता पर प्रश्न उठाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
10 जुलाई 2016: दूसरे गुट ने भी करा दिए चुनाव
शिकायत लंबित रहने के दौरान 10 जुलाई 2016 को दूसरे गुट ने भी अलग से सामान्य सभा की बैठक बुलाकर अपनी कार्यकारिणी का चुनाव करा लिया। इसके बाद फेडरेशन में दो अलग-अलग कार्यकारिणियों के दावे सामने आ गए। यही वह मोड़ था, जहां से विवाद केवल संगठनात्मक नहीं रहा, बल्कि कानूनी स्वरूप भी ग्रहण कर गया।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंचा मामला
10 जुलाई 2016 की निर्वाचन प्रक्रिया के बाद पहला पक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंच गया। इसके बाद चुनावी विवाद विभागीय और न्यायिक स्तर पर लंबे समय तक विचाराधीन रहा। इसी कारण फेडरेशन में नियमित चुनाव नहीं हो सके और वर्षों तक निर्वाचित कार्यकारिणी का गठन अधर में लटका रहा।
22 नवंबर 2019: दूसरे गुट का चुनाव अवैध घोषित
कोर्ट के आदेश के बाद उप जिलाधिकारी की तरफ से 22 नवंबर को दूसरे गुट द्वारा करवाए चुनाव को अवैध घोषित कर दिया गया था। तत्कालीन डिप्टी रजिस्ट्रार दिलीप गुप्ता द्वारा जल्द आरडब्ल्यू फेडरेशन के चुनाव करवाने के लिए कहा गया था।
एक दशक तक कालातीत स्थिति में रहा फेडरेशन
विवाद के कारण RWA फेडरेशन लगभग दस वर्षों तक कालातीत स्थिति में संचालित होता रहा। इस दौरान संगठन की लोकतांत्रिक संरचना प्रभावित रही और नियमित चुनाव नहीं हो सके। शहर की अनेक RWAs लगातार यह मांग उठाती रहीं कि विवाद का वैधानिक समाधान कराकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पुनः शुरू कराया जाए।
अब डिप्टी रजिस्ट्रार की निगरानी में होंगे चुनाव
लंबे इंतजार के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की पहल पर निर्वाचन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चुनाव अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 जुलाई को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है।
निर्वाचन कार्यक्रम
22 जुलाई – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
25 जुलाई – मतदाता सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि
26 जुलाई – आपत्तियों का निस्तारण एवं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
26 एवं 27 जुलाई – नामांकन पत्र दाखिल
28 जुलाई – नाम वापसी, अंतिम प्रत्याशी सूची एवं मतदान स्थल की घोषणा
मतदान
1 अगस्त 2026 (प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक)
मतगणना एवं परिणाम की घोषणा
1 अगस्त 2026 (दोपहर 3:15 बजे से)
निष्पक्ष और पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया
चुनाव अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी के अनुसार मतदान स्थल की घोषणा चुनाव से तीन दिन पूर्व की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव ?
RWA फेडरेशन गाजियाबाद शहर की विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों का प्रमुख प्रतिनिधि संगठन माना जाता है। नियमित कार्यकारिणी बनने के बाद संगठन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह आवासीय क्षेत्रों से जुड़े हाउस टैक्स, बिजली, पानी, सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्कों के रखरखाव, अवैध निर्माण, नगर निगम, विकास प्राधिकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रशासन के समक्ष उठाएगा।
करीब दस वर्षों तक चले विवाद, दो अलग-अलग चुनाव, विभागीय शिकायतों और इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंची कानूनी लड़ाई के बाद 1 अगस्त 2026 का चुनाव केवल नई कार्यकारिणी चुनने का अवसर नहीं है। यह उस लोकतांत्रिक व्यवस्था की वापसी का प्रतीक है, जिसका इंतजार गाजियाबाद की सैकड़ों आवासीय समितियां वर्षों से कर रही थीं। यदि यह चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न होता है, तो इसे RWA फेडरेशन के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।
