25.78 करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे 44 वाटर टेंडर और 5 फोम टेंडर
तंग बस्तियों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक बढ़ेगी अग्निशमन क्षमता
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई आग की बड़ी घटनाओं और लगातार बढ़ती अग्नि सुरक्षा चुनौतियों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्निशमन एवं आपात सेवा को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में 25 करोड़ 78 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए 44 वाटर टेंडर और 5 फोम टेंडरों के निर्माण एवं खरीद को मंजूरी दे दी गई।
लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल के समय में हुई आग की बड़ी घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि तेजी से फैलते शहरीकरण, ऊंची इमारतों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आधुनिक एवं पर्याप्त अग्निशमन संसाधनों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में लिया गया सरकार का यह निर्णय फायर सर्विस की परिचालन क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लखनऊ स्थित लोकभवन में हुई कैबिनेट
पुराने वाहनों की होगी जगह नई तकनीक
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार 5 नए 2500 लीटर क्षमता वाले वाटर टेंडर नई आवश्यकता के अनुरूप खरीदे जाएंगे, जबकि 39 निष्प्रयोज्य हो चुके वाटर टेंडरों के स्थान पर नए वाहन शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा 5000+500 लीटर क्षमता वाले 5 अत्याधुनिक फोम टेंडरों की भी खरीद होगी। सभी वाहनों में आधुनिक चेसिस, हाई प्रेशर पंप, फैब्रिकेशन और नवीनतम अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे।
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संकरी गलियों तक पहुंचेगी फायर सर्विस
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अग्निशमन एवं आपात सेवा प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवाओं में से एक है। इसका उद्देश्य ग्रामीण, शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि कई बार घनी आबादी वाले इलाकों और संकरी गलियों में बड़े फायर टेंडर नहीं पहुंच पाते, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होते हैं। इसी चुनौती को देखते हुए छोटे आकार के आधुनिक वाटर टेंडरों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हर स्थान तक समय पर पहुंचकर आग पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके।
रासायनिक और पेट्रोलियम आग से निपटने की बढ़ेगी क्षमता
सरकार के अनुसार नए फोम टेंडर विशेष रूप से पेट्रोलियम एवं गैस प्रतिष्ठानों, रासायनिक इकाइयों, पेंट गोदामों, एयरपोर्ट, हेलीपैड और अन्य ज्वलनशील पदार्थों वाले क्षेत्रों में लगने वाली आग पर प्रभावी नियंत्रण में मददगार होंगे। वहीं नए वाटर टेंडर शहरी, कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
आपदा प्रबंधन होगा और प्रभावी
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और ऊंची इमारतों की संख्या को देखते हुए आधुनिक अग्निशमन संसाधनों का विस्तार समय की आवश्यकता है। नए वाहनों के शामिल होने से फायर सर्विस की प्रतिक्रिया क्षमता (Response Time) में सुधार होगा, जिससे आपात स्थितियों में जन-धन की हानि को कम करने में भी मदद मिलेगी।