[t4b-ticker]

एफएसडीए व गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने देहरादून में नकली दवा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़

0
FF

सिप्ला, ल्यूपिन समेत कई कंपनियों के नाम पर बन रही थीं नकली दवाइयां

विशेष अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता, जांच के लिए भेजे गए नमूने

NEWS1UP

भूमेश शर्मा/देहरादून

गाजियाबाद। नकली एवं अवैध औषधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उत्तराखंड के देहरादून में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दवाइयों की एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। फैक्ट्री में देश की कई प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम और ब्रांड का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था।

देश की नामी कंपनियों के नाम पर तैयार हो रही थीं नकली दवाइयां

प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यहां सिप्ला, ल्यूपिन, डॉ. रेड्डीज, एल्डर, माइक्रो, मैनकाइंड, इंटास, एबॉट, सन फार्मा, एरिस्टो, मैक्लियोड्स और जाइडस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और ब्रांड का इस्तेमाल कर कथित रूप से नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं।

ऐसी पैकेजिंग की, असली-नकली पहचानना मुश्किल

जांच में यह भी सामने आया कि नकली दवाओं की पैकेजिंग और लेबलिंग इस तरह की जा रही थी कि आम उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि दवा विक्रेता भी आसानी से भ्रमित हो सकते थे। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ होने की आशंका जताई जा रही है।

भारी मात्रा में दवाएं, लेबल और उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां, पैकिंग सामग्री, फर्जी लेबल, रैपर तथा दवा निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए। सभी सामग्री को कब्जे में लेकर उसके नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, बरामद दवाओं की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ औषधि एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों और बाजारों तक की जा रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!