November 5, 2026
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UPI पर नया MDR: ग्राहक की जेब नहीं, बड़े कारोबारियों पर असर

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15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क, ₹75 हजार के बाद अधिकतम ₹300

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। UPI को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही यह खबर कि अब हर बड़े UPI भुगतान पर ग्राहक को 0.4% शुल्क देना होगा, पूरी तस्वीर नहीं है। 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) के तहत शुल्क मुख्यतः व्यापारी यानी मर्चेंट से लिया जाएगा, ग्राहक से नहीं। व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान भी MDR से बाहर होंगे। सरकार के अनुसार करीब 96% P2M लेनदेन इस बदलाव से अप्रभावित रहेंगे।

क्या बदलेगा और कितना ?

सामान्य श्रेणी के ₹2,000 से ऊपर के P2M UPI भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा। ₹3,000 के भुगतान पर यह ₹12, ₹10,000 पर ₹40 और ₹50,000 पर ₹200 होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR ₹300 रहेगा। यानी ₹1 लाख या ₹2 लाख के भुगतान पर भी इस व्यवस्था के तहत MDR ₹300 से ज्यादा नहीं होगा।

ध्यान देने वाली बात यह है कि MDR कोई ग्राहक टैक्स नहीं है। यह व्यापारी-पक्ष के भुगतान इकोसिस्टम में लगने वाला शुल्क है, जिसका हिस्सा बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI ऐप प्रदाताओं जैसे भागीदारों के बीच जाता है। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि इसे ग्राहक पर न डाला जाए। UPI ऐप को भी अलग से प्लेटफॉर्म फीस या छिपा शुल्क लगाने की अनुमति नहीं होगी।

चाय-पान से किराना तक छोटे भुगतान सुरक्षित

चाय की दुकान, पान की दुकान, सब्जी, फल, दवा, रेस्तरां, कैब या रोजमर्रा की छोटी खरीदारी में सामान्य ग्राहक के लिए कोई नया शुल्क नहीं है, खासकर जब भुगतान ₹2,000 तक हो। P2P ट्रांसफर, यानी दोस्त, रिश्तेदार या अपने दूसरे बैंक खाते में पैसा भेजना, राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेगा। कोई मासिक कोटा या मुफ्त UPI लेनदेन की संख्या-सीमा भी नहीं लगाई गई है।

छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-MDR सुरक्षा जारी रहेगी। UPI QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे मर्चेंट इस सुरक्षा के दायरे में रहेंगे। इसका फायदा चाय-नाश्ते की दुकानों, रेहड़ी-पटरी, छोटे किराना कारोबार और स्थानीय सेवा प्रदाताओं जैसे कारोबारों को मिल सकता है।

इसलिए छोटे दुकानदारों को केवल इस वजह से नया QR कोड या साउंडबॉक्स बदलने की जरूरत नहीं है; बदलाव मुख्यतः शुल्क और सेटलमेंट व्यवस्था से संबंधित है।

पेट्रोल, बीमा, रेलवे और टेलीकॉम के लिए सिर्फ ₹5

हर क्षेत्र पर 0.4% MDR लागू नहीं होगा। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी या कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से ऊपर के पात्र भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है। यानी भुगतान की रकम बढ़ने के साथ यह शुल्क प्रतिशत के हिसाब से नहीं बढ़ेगा।

सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार बिजली, पानी, पाइप्ड गैस और शिक्षा शुल्क जैसे कुछ उपयोगिता एवं शिक्षा भुगतान भी विशेष फ्लैट-फीस श्रेणी में रखे गए हैं। वहीं UPI AutoPay/कुछ recurring mandates के लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए ऐसे भुगतान में संबंधित बिलर या बैंक की व्यवस्था देखना जरूरी होगा।

म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार वालों के लिए अलग दर

म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े पात्र UPI भुगतान पर सामान्य 0.4% के बजाय 0.02% MDR रखा गया है और इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन है। उदाहरण के लिए ₹1 लाख के म्यूचुअल फंड भुगतान पर 0.02% के हिसाब से MDR ₹20 होगा। यह भी ग्राहक से सीधे वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। सरकार का कहना है कि कम दर का उद्देश्य औपचारिक वित्तीय बाजारों में रिटेल भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

क्रेडिट कार्ड-UPI को सीधे इसी नियम में न जोड़ें

RuPay क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन से जुड़े UPI भुगतान के इंटरचेंज और शुल्क नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए बैंक खाते से होने वाले सामान्य P2M UPI भुगतान पर लागू 0.4% MDR को हर तरह के UPI भुगतान पर लागू मानना सही नहीं होगा।

MDR क्यों लाया गया ?

सरकार के अनुसार UPI के संचालन में सर्वर, बैंकिंग नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम, शिकायत निपटान और तकनीकी विस्तार जैसी लागत आती है। नए ढांचे का उद्देश्य बड़े कारोबारी भुगतानों से भुगतान इकोसिस्टम को कुछ राजस्व उपलब्ध कराना और UPI को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है। साथ ही MDR संग्रह का 5% छोटे व्यापारियों में UPI स्वीकार्यता बढ़ाने वाले फंड के लिए इस्तेमाल किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।

ग्राहक को क्या सावधानी रखनी होगी ?

UPI इस्तेमाल करते समय QR कोड और प्राप्तकर्ता का नाम जांचें। पैसे भेजने के लिए ही UPI PIN डालें। किसी अनजान “Collect Request” को बिना जांचे स्वीकार न करें और OTP या UPI PIN कभी साझा न करें।

अगर कोई व्यापारी केवल UPI से भुगतान करने पर ग्राहक से अलग शुल्क मांगता है, तो बिल या भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और बैंक, ऐप या संबंधित शिकायत चैनल में इसकी शिकायत करें। बैंकों को MDR ग्राहक पर डालने से रोकने के लिए निर्देशित किया गया है।

 

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