November 5, 2026
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महक जीवन सोसायटी में कॉमन एरिया की बिक्री पर RERA की रोक!

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जीवन रेजिडेंसी राइट्स ट्रस्ट की शिकायत पर बड़ा अंतरिम आदेश

बिल्डर के लिए सोसायटी के खुले और सामान्य क्षेत्रों में बिक्री, बुकिंग और तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर रोक

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की महक जीवन सोसायटी में कॉमन एरिया और खुले स्थानों को लेकर बिल्डर पर लगे गंभीर आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश रेरा ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। जीवन रेजिडेंसी राइट्स ट्रस्ट की शिकायत पर सुनवाई करते हुए रेरा ने महक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अंतरिम रोक लगा दी है।

यह आदेश उ.प्र. रेरा के न्यायनिर्णायक अधिकारी हरिश त्रिपाठी तथा उ.प्र. रेरा के अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।

खुले क्षेत्र में पार्किंग की मार्किंग और बिक्री का आरोप

शिवकुमार शर्मा, शिकायतकर्ता

जीवन रेजिडेंसी राइट्स ट्रस्ट के शिव कुमार शर्मा के मुताबिक, शिकायत का मूल मुद्दा सोसायटी के कॉमन/ओपन एरिया के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल और बिक्री से जुड़ा है। ट्रस्ट का आरोप है कि बिल्डर ने नियमों के विपरीत खुले क्षेत्र में पार्किंग की मार्किंग कर उसे निवासियों को बेचने की प्रक्रिया अपनाई।

इसी के खिलाफ ट्रस्ट ने रेरा का दरवाजा खटखटाते हुए मांग की थी कि ऐसे कॉमन एरिया में किसी भी तरह की बिक्री, आवंटन अथवा तीसरे पक्ष के अधिकार सृजित करने पर रोक लगाई जाए।

RERA का सख्त अंतरिम आदेश: बिक्री, बुकिंग, आवंटन पर रोक

30 जुलाई 2026 के आदेश में रेरा ने अंतरिम तौर पर बिल्डर/प्रमोटर, उसके निदेशकों, अधिकृत व्यक्तियों, प्रतिनिधियों अथवा उसके माध्यम से दावा करने वाले किसी व्यक्ति को महक जीवन सोसायटी के खुले स्थानों, सामान्य क्षेत्रों, हरित पट्टी एवं परिधीय सीमा दीवार वाले क्षेत्रों में विज्ञापन, बुकिंग, बिक्री, आवंटन, अतिक्रमण, पट्टा/लाइसेंस देने अथवा किसी भी रूप में तीसरे पक्ष का अधिकार या हित सृजित करने से रोक दिया है।

यानी मामला अब केवल निवासियों और बिल्डर के बीच विवाद नहीं रह गया है, रेरा ने भी विवादित क्षेत्रों में बिल्डर की गतिविधियों पर अंतरिम ब्रेक लगा दिया है।

बिल्डर को देना होगा जवाब, फिर तय होगी आगे की तस्वीर

रेरा ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम और एकपक्षीय रोक है। बिल्डर को अपना आवेदन/प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। इसके बाद आदेश की पुष्टि, संशोधन या निरस्तीकरण के संबंध में विधि के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

28 अगस्त तक आपत्ति दाखिल करने का मौका: समयसीमा बीती, जवाब कहां ?

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। RERA के आदेश में महक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को अपना आवेदन/प्रतिउत्तर दाखिल कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था और 28 अगस्त 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था।

लेकिन 28 अगस्त की निर्धारित तारीख बीत चुकी है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक बिल्डर की ओर से कोई आपत्ति/प्रतिउत्तर दाखिल नहीं किया गया है।

यहीं से सवाल और गंभीर हो जाता है-

जिस अंतरिम रोक को चुनौती देने या अपना पक्ष रखने का मौका बिल्डर को दिया गया था, उस पर अब तक उसका जवाब क्यों नहीं आया ?

क्या विवादित कॉमन एरिया की स्थिति स्पष्ट करने के लिए बिल्डर के पास दस्तावेज तैयार नहीं हैं ?

जिसे कॉमन एरिया कहा गया, उसे बेचा कैसे गया ?

महक जीवन का मामला अब हाईराइज सोसायटियों में कॉमन एरिया के इस्तेमाल और अधिकारों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर कोई क्षेत्र सोसायटी के निवासियों के सामान्य उपयोग के लिए निर्धारित है, तो उस पर व्यक्तिगत बिक्री या तीसरे पक्ष का अधिकार कैसे बनाया गया, यही इस विवाद का केंद्रीय प्रश्न है।

शिव कुमार शर्मा का कहना है कि ट्रस्ट ने इसी कथित कार्रवाई को चुनौती दी है और अब रेरा के अंतरिम आदेश से निवासियों की शिकायत को नियामकीय मंच पर गंभीर सुनवाई मिली है।

विवादित कॉमन एरिया में फिलहाल ‘नो सेल’

महक जीवन सोसायटी के मामले में फिलहाल स्थिति स्पष्ट है कि बिल्डर अपना जवाब देगा, लेकिन तब तक विवादित खुले/कॉमन क्षेत्रों में बिक्री, बुकिंग, आवंटन अथवा तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर अंतरिम रोक रहेगी।

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