इस राज्य में आरक्षण पर बड़ा फैसला… SC-ST का बढ़ा कोटा, SEBC/OBC को पहली बार मौका !
बदलेंगे मेडिकल-टेक्निकल कैंपस के समीकरण
NEWS1UP
एजुकेशन डेस्क
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने उच्च शिक्षा में सामाजिक संतुलन स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मेडिकल और टेक्निकल संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC/OBC) के लिए नई आरक्षण दरों को मंजूरी दी गई।

सरकार के इस निर्णय के तहत ST और SC वर्गों के आरक्षण प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जबकि पहली बार SEBC (OBC) वर्ग को भी मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
नई आरक्षण दरें लागू
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.50 प्रतिशत कर दिया गया है
अनुसूचित जाति (SC) का कोटा 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत किया गया है
सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC/OBC) को 11.25 प्रतिशत आरक्षण पहली बार प्रदान किया गया है
आबादी के अनुपात पर आधारित निर्णय
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निर्णय राज्य की जनसंख्या संरचना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राज्य में ST वर्ग की आबादी 22 प्रतिशत से अधिक है, जबकि उन्हें अब तक केवल 12 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था। इसी प्रकार SC वर्ग की आबादी लगभग 17 प्रतिशत होने के बावजूद उन्हें 8 प्रतिशत आरक्षण ही प्राप्त था। इस असमानता को दूर करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की गई है।
विस्तृत दायरे में लागू होगी व्यवस्था
नई आरक्षण नीति राज्य के विश्वविद्यालयों, संबद्ध महाविद्यालयों, ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, हेल्थ साइंस, आयुर्वेद, होम्योपैथी, प्रबंधन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, कृषि, आर्किटेक्चर तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
यह व्यवस्था स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रमों पर प्रभावी होगी।
सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नई आरक्षण नीति लागू होने के बाद विभिन्न वर्गों के लिए सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
मेडिकल सीटें (कुल 2,421):
ST के लिए सीटें 290 से बढ़कर 545 हो जाएंगी
SC के लिए सीटें 193 से बढ़कर 393 हो जाएंगी
इंजीनियरिंग सीटें (कुल 44,579):
ST के लिए सीटें 5,349 से बढ़कर 10,030 होंगी
SC के लिए सीटें 3,566 से बढ़कर 7,244 हो जाएंगी
SEBC वर्ग के लिए पहली बार 515 सीटें आरक्षित की जाएंगी
शिक्षा में समान अवसर की दिशा में कदम
सरकार इसे “सामाजिक न्याय” की दिशा में कदम बता रही है, राज्य सरकार का कहना है कि इस निर्णय से सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और प्रोफेशनल कोर्सेज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। लेकिन इस निर्णय ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है, क्या यह संतुलन स्थापित करेगा या नए सवाल खड़े करेगा ?
