गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की 171वीं बोर्ड बैठक में 25 एजेंडे स्वीकृत!
तुलसी निकेतन पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी टाउनशिप और हिंडन तटबंध परियोजना को मिली मंजूरी
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 171वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रस्तुत सभी 25 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। बैठक में तुलसी निकेतन पुनर्विकास, राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी थीम आधारित एकीकृत टाउनशिप तथा हिंडन नदी तटबंध परियोजना प्रमुख निर्णयों के रूप में सामने आए।
तुलसी निकेतन योजना का व्यापक पुनर्विकास
तुलसी निकेतन योजना में स्थित 288 एलआईजी भवन, 2004 ईडब्ल्यूएस भवन और 60 दुकानों की जर्जर स्थिति को देखते हुए समग्र पुनर्विकास प्रस्ताव को बोर्ड ने सैद्धांतिक व प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। यह परियोजना उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के तहत पीपीपी मॉडल पर विकसित की जाएगी।
पुनर्विकास के अंतर्गत आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर, सुव्यवस्थित पार्किंग, आंतरिक सड़कें, सीवरेज, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था तथा हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। वर्तमान निवासियों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को मंजूरी
राजनगर एक्सटेंशन के ग्राम मोरटी एवं अटौर में संयुक्त उपक्रम के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने सैद्धांतिक स्वीकृति दी। प्रस्तावित स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पिच, दर्शक दीर्घाएं, कॉर्पोरेट बॉक्स, मीडिया सेंटर, पार्किंग और अन्य खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्राधिकरण के अनुसार यह परियोजना खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के साथ गाजियाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने में सहायक होगी।

एरोसिटी थीम आधारित एकीकृत टाउनशिप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास “एरोसिटी थीम” पर आधुनिक एकीकृत टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इस टाउनशिप में उच्च स्तरीय आवासीय परिसर, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, हॉस्पिटैलिटी एवं रिटेल जोन, संस्थागत क्षेत्र, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र और ओपन स्पेस विकसित किए जाएंगे।
बोर्ड का मानना है कि यह परियोजना निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने और गाजियाबाद को आधुनिक शहरी गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हिंडन नदी तटबंध परियोजना को विशेष मंजूरी
हिंडन नदी के तटीय क्षेत्र में तटबंध (एम्बैंकमेंट) निर्माण और उसके समानांतर “बंधा” विकसित करने हेतु आवश्यक भूमि अर्जन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना का उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, नदी तट संरक्षण और जलभराव की समस्या से राहत देना है।
प्राधिकरण के अनुसार यह तटीय मार्ग भविष्य में वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही रिवरफ्रंट विकास, हरित पट्टी निर्माण और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी।
वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर
वित्तीय वर्ष 2025-26 (पुनरीक्षित) के अंतर्गत कुल आय ₹2,71,771 लाख तथा कुल व्यय ₹1,97,695 लाख अनुमोदित किया गया। जनवरी 2026 तक ₹2,09,319.69 लाख की आय और ₹1,02,280.37 लाख व्यय दर्ज किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रस्तावित) के लिए ₹3,49,640 लाख आय तथा ₹3,28,700 लाख व्यय का प्रावधान स्वीकृत किया गया।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) के चयन को स्वीकृति दी गई। 15 सिविल इंजीनियरों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति तथा अधिकतम तीन वर्ष के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
महायोजना-2031 के अनुरूप भू-उपयोग परिवर्तन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन के लिए भूतपूर्व सैनिकों और होमगार्ड की सेवाएं लेने के व्यय को भी अनुमोदन मिला। इसके अतिरिक्त 1,228 अविकसित/रिक्त आवासीय इकाइयों को शासनादेश दिनांक 25 दिसंबर 2025 के अनुरूप विक्रय हेतु स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे लगभग ₹40,850 लाख अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने तुलसी निकेतन पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी टाउनशिप और हिंडन तटबंध परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जनहित को सर्वोपरि रखने पर बल दिया। बैठक में डीएम रविंद्र कुमार मंदर, जीडीए वीसी नन्द किशोर कलाल, नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
