मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह संग लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया
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भूमेश शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना उत्तर प्रदेश के किसानों, आपदा प्रबंधन और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने इसे “यूपी के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने वाला कदम” बताया।
सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की मात्र 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि पर 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है और भविष्य में 35-36 प्रतिशत तक योगदान देने की क्षमता रखता है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और सटीक मौसम पूर्वानुमान की बड़ी भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मौसम पूर्वानुमान प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब आंधी, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं की पहले से सटीक जानकारी मिलने लगी है, जिससे जनधन की हानि कम करने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से लोगों के मोबाइल पर समय रहते अलर्ट भेजे जा रहे हैं, जिससे कई स्थानों पर बड़े हादसे टाले गए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन, 2000 ऑटोमेटिक रेनगेज, डॉप्लर वेदर राडार और आकाशीय बिजली डिटेक्शन सेंसर स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार मौसम संबंधी और अधिक सटीक जानकारी के लिए अपना उपग्रह (सैटेलाइट) स्थापित करने की दिशा में भी प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि मौसम चक्र में लगभग एक महीने का बदलाव दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते वैज्ञानिक उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में खाद्यान्न संकट जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा, फसल उत्पादन वृद्धि और आपदाओं से बचाव के लिए राज्य सरकार मौसम विज्ञान से जुड़ी हर नई तकनीक को अपनाने में पूरा सहयोग करेगी।
कार्यक्रम में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र नई दिल्ली के प्रमुख डॉ. दुष्मंत रंजन पटनायक, लखनऊ मौसम केंद्र के प्रमुख डॉ. मनीष रमेश रानाल्कर आदि मौजूद रहे।