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जिस बेटे के लिए जिंदगी भर विरासत बनाई, उसी ने पिता की जिंदगी छीन ली!

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BUDHANA

मोदीनगर के बुढ़ाना गांव में 150 करोड़ की संपत्ति पर विवाद का खौफनाक अंत!

एक पिता, जिसे डर था कि बेटा उसकी मेहनत की कमाई बर्बाद कर देगा, उसी बेटे की गोलियों का शिकार बन गया!

यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों और बिखरते पारिवारिक मूल्यों की दर्दनाक कहानी है।

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। हर पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करता है। कोई खेत खरीदता है, कोई कारोबार खड़ा करता है, तो कोई अपनी हर इच्छा त्यागकर अगली पीढ़ी के लिए विरासत छोड़ जाता है। लेकिन मोदीनगर के बुढ़ाना गांव में एक पिता की पूरी जिंदगी की कमाई, उसका संघर्ष और उसका विश्वास, सब कुछ कुछ ही सेकंड में गोलियों की आवाज में बिखर गया।

घटना की अगली सुबह हरिओम चौधरी के घर पसरा सन्नाटा और स्तब्ध पडोसी एवं रिश्तेदार

बुधवार देर रात करीब 12 बजे 52 वर्षीय किसान एवं कारोबारी हरिओम चौधरी की उनके ही बड़े बेटे निखिल नेहरा ने कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

150 करोड़ की विरासत! और एक पिता की सबसे बड़ी चिंता

मृतक हरिओम चौधरी (फाइल फोटो)

हरिओम चौधरी क्षेत्र के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। उनके पास करीब 75 बीघा कृषि भूमि और दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने एक व्यावसायिक मार्केट है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हरिओम अपने बड़े बेटे को पहले ही 25 बीघा जमीन और कई दुकानें दे चुके थे। लेकिन बेटे की मांग यहीं खत्म नहीं हुई। वह पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था।

परिजनों के अनुसार, पिता को आशंका थी कि शराब की लत और गलत संगत के कारण बेटा पूरी संपत्ति बेच सकता है। यही चिंता धीरे-धीरे दोनों के बीच लगातार विवाद का कारण बनती गई।

और हमेशा के लिए खामोश हो गई पिता की आवाज

बुधवार रात हरिओम चौधरी परिवार के साथ भोजन करने के बाद घर पर थे। देर रात बड़ा बेटा नशे की हालत में घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, पिता ने उसके व्यवहार पर नाराजगी जताई और समझाने की कोशिश की। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई।

मां और छोटे भाई ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में आरोपी ने पिस्टल निकाल ली और अपने ही पिता पर फायरिंग शुरू कर दी।

जमीन पर गिरने के बाद भी नहीं रुका हमला

वह स्थान जहाँ बेटे ने बाप का क़त्ल किया

पहली गोली हरिओम चौधरी के चेहरे पर लगी। वह जमीन पर गिर पड़े। पुलिस के अनुसार, इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और उसने चेहरे, छाती तथा शरीर के निचले हिस्से की ओर कई गोलियां दाग दीं। मौके पर ही हरिओम चौधरी की मौत हो गई।

जिस घर में कुछ देर पहले परिवार साथ बैठकर भोजन कर रहा था, वहीं कुछ मिनट बाद चीख-पुकार और मातम का माहौल था।

हिंसा का इतिहास पहले भी रहा

जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2018 में आरोपी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी फायरिंग की थी, जिसमें वह घायल हुआ था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना से पहले आरोपी किन लोगों के साथ था और हत्या में प्रयुक्त पिस्टल किसकी थी।

चार पुलिस टीमें तलाश में

एसीपी भास्कर वर्मा

एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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