नोएडा अग्निकांड: जब ‘बांस की सीढ़ी’ बनी जिंदगी की आखिरी उम्मीद
नोएडा के मामूरा अग्निकांड ने खोल दी शहरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल
दमकल नहीं पहुंच सकी, पड़ोसी इमारत से किया गया रेस्क्यू
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नोएडा। आधुनिक शहर… बहुमंजिला इमारत… इलेक्ट्रिक वाहन… लेकिन जब आग ने विकराल रूप लिया तो लोगों की जान बचाने के लिए न कोई हाईटेक रेस्क्यू सिस्टम काम आया और न ही आधुनिक उपकरण। आखिरकार एक साधारण बांस की सीढ़ी ही करीब 100 लोगों के लिए ‘लाइफलाइन’ बन गई।

फेज-3 थाना क्षेत्र के मामूरा गांव में बुधवार को लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू अभियान की सबसे बड़ी तस्वीर वह रही, जब पड़ोसी इमारत से बांस की सीढ़ी लगाकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को एक-एक कर सुरक्षित निकाला गया।
आग से पहले धुआं, फिर बंद हो गए सारे रास्ते
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। सीढ़ियां धुएं की चपेट में आ गईं और नीचे उतरना नामुमकिन हो गया। लोग बालकनियों और खिड़कियों से मदद की गुहार लगाने लगे। तभी राहत दल ने पड़ोसी इमारत से बांस की सीढ़ी लगाकर रेस्क्यू शुरू किया और दर्जनों लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

दमकल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी संकरी बस्ती
मामूरा की तंग गलियां इस हादसे में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आईं। दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिससे शुरुआती राहत कार्य प्रभावित हुआ। यही वजह रही कि स्थानीय स्तर पर अपनाया गया वैकल्पिक रेस्क्यू अभियान लोगों के लिए जीवनदायी साबित हुआ।
इलेक्ट्रिक स्कूटर से शुरू हुई आग की भयावह कहानी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग एक इलेक्ट्रिक स्कूटर में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी। इसके बाद आग आसपास खड़े वाहनों और फिर पूरी इमारत में फैल गई। कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई।
फायर सेफ्टी के नाम पर क्या था इंतजाम ?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत में आग बुझाने के प्राथमिक उपकरण तक उपलब्ध नहीं थे। यदि शुरुआती स्तर पर फायर सेफ्टी व्यवस्था होती और दमकल वाहनों के लिए पर्याप्त पहुंच मार्ग होता, तो शायद नुकसान कम किया जा सकता था।
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाला। मामले में इमारत के लीजहोल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
