जनता के फीडबैक से खुली पोल, 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एक पुलिस लाइन भेजा गया
चार पुलिसकर्मी निलंबित, एक को रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया
कमिश्नरेट ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने भ्रष्टाचार और ड्यूटी में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और फीडबैक सेल की समीक्षा के बाद चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि एक मुख्य आरक्षी को रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया गया। इस कार्रवाई को पुलिस कमिश्नरेट की ‘भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
जनता की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार
कमिश्नरेट की फीडबैक सेल द्वारा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और प्रतिक्रिया की समीक्षा में थाना कौशांबी में तैनात मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार तथा थाना शालीमार गार्डन में तैनात मुख्य आरक्षी मकसूद खान के कार्यों को लेकर गंभीर नकारात्मक फीडबैक सामने आया। इसके बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
लापरवाही पर भी नहीं मिली कोई राहत
ड्यूटी के प्रति लापरवाही के आरोपों को गंभीर मानते हुए थाना नंदग्राम के उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह और थाना इंदिरापुरम के उपनिरीक्षक सुखवीर सिंह को भी निलंबित कर दिया गया। वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय नंदग्राम में तैनात मुख्य आरक्षी मोहम्मद आदिल को प्रशासनिक दृष्टि से रिजर्व पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया गया।
फीडबैक सेल बना जवाबदेही का मजबूत माध्यम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नरेट की फीडबैक सेल आम नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु बन रही है। नागरिकों से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और अनुभवों का नियमित विश्लेषण किया जा रहा है और जिन मामलों में प्रथम दृष्टया अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, उनमें तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
वर्दी में लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के मामलों में किसी भी पुलिसकर्मी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आगे भी पूरी सख्ती से लागू रहेगी।
