October 17, 2026
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अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा

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मुस्कान-साहिल के बाद दूसरा चर्चित मामला

NEWS1UP

संवाददाता

मेरठ। मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद यह दूसरा चर्चित मामला है, जिसमें हत्या के मामले में अदालत ने मृत्युदंड दिया है।

12 अप्रैल 2025 को अमित अपने घर में मृत मिले थे। शुरुआत में परिजनों ने उनकी मौत सांप के डसने से होने की आशंका जताई थी। शव के नीचे एक सांप दबा मिला था, जिसे पुलिस ने पकड़कर डिब्बे में सुरक्षित रख लिया था। बाद में सपेरों ने सांप की जांच कर बताया कि उसके विषदंत के नीचे जहर की थैली नहीं थी और उसे निकाल दिया गया था। ऐसे में उसके काटने से अमित की मौत होना संभव नहीं था। अमित के गले पर चोट और शरीर पर नाखूनों जैसे खरोंच के निशान भी मिले थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सर्पदंश के बजाय दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के कोण से जांच शुरू की। जांच में अमित की पत्नी रविता और पड़ोसी अमरदीप के बीच कथित प्रेम संबंधों की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची और वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की।

कॉल डिटेल बनी अहम सबूत

इस मामले में पुलिस ने 500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया और अभियोजन पक्ष ने 12 से अधिक गवाह पेश किए। सरकारी वकील फरजाना के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी अहम साक्ष्य बनी। उन्होंने बताया कि अमित की मौत के बाद भी रविता और अमरदीप के बीच लगातार बातचीत हुई। चार दिन में दोनों के बीच 70 से अधिक बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला।

जांच में सामने आया कि अमरदीप जिस नंबर से रविता से बात करता था, वह जागृति विहार निवासी सोनू के नाम पर था। सोनू ने अदालत में कहा कि वह उस नंबर का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही रविता या अमरदीप को जानता था। जांच के दौरान दोनों के बीच एक ऐसे नंबर से 500 से अधिक बार बातचीत होने का रिकॉर्ड भी सामने आया, जिसके बारे में पुलिस ने जांच की। सांप उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की गई।

एक जेल में, दूसरा जमानत पर था बाहर

जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रविता तब से जेल में बंद थी, जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर था। अदालत ने अब दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनाते समय न्यायाधीश ने जिला प्रशासन से दोनों के बच्चों के भविष्य और देखभाल पर भी ध्यान देने की बात कही।

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