पंचशील प्रिमरोज AOA की कमान नारी शक्ति के हाथ, उर्वशी गुप्ता अध्यक्ष और लीना गुप्ता बनीं महासचिव!
बिल्डर से पूर्ण हैंडओवर, सीवर संकट, और आवारा कुत्तों की समस्या से निपटना नई टीम के सामने बड़ी चुनौती
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। बिल्डर से टकराव हो तो नारी शक्ति आगे, हक की लड़ाई हो तो महिलाओं से एकजुटता की अपील। लेकिन जब सोसाइटी की कमान सौंपने और फैसले लेने की बारी आती है, तो यही भरोसा अक्सर डगमगाने लगता है। GBM से लेकर AOA चुनाव तक महिलाओं की भागीदारी पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में गोविंदपुरम अनाज मंडी के सामने स्थित पंचशील प्रिमरोज सोसाइटी ने एक अलग तस्वीर पेश की है।
यहां AOA के दो शीर्ष पद महिलाओं को सौंपकर साफ कर दिया गया है कि
नारी शक्ति सिर्फ संघर्ष का चेहरा नहीं, सोसाइटी की सत्ता और व्यवस्था संभालने का दम भी रखती है!
पहली बैठक में तय हुआ नेतृत्व

पंचशील प्रिमरोज की नवनिर्वाचित AOA की पहली बैठक में सर्वसम्मति से उर्वशी गुप्ता को अध्यक्ष और लीना गुप्ता को महासचिव चुना गया। वहीं, जितेंद्र गुप्ता को उपाध्यक्ष और गुरनाम सिंह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।अखिलेश कुमार कंसल, नीरज गुप्ता, अलोक सिंघल, प्रशांत चौधरी, गौरव चौधरी और पुनीत श्रीवास्तव कार्यकारिणी सदस्य होंगे। बीती 4 अक्टूबर को हुए चुनाव में उर्वशी गुप्ता ने सर्वाधिक मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। अब अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ उनसे निवासियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
बिल्डर से पूर्ण हैंडओवर सबसे बड़ी चुनौती
नई AOA के सामने चुनौतियों की लंबी फेहरिस्त है। सबसे बड़ा मुद्दा बिल्डर से विधिसम्मत और पूर्ण हैंडओवर लेना है। इसके अलावा सीवर की बिगड़ती समस्या, बेसमेंट में जॉइंट एक्सपेंशन का काम और बिल्डिंग की वाइटवॉश जैसे लंबित कार्यों को बिल्डर से पूरा कराना भी बोर्ड के एजेंडे में है। वहीं, आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम से कार्रवाई करवाना भी नई टीम की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सीवर संकट पर काम शुरू: उर्वशी
अध्यक्ष उर्वशी गुप्ता का कहना है कि निवासियों और निर्वाचित बोर्ड के सदस्यों ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में सीवर की समस्या गंभीर होती जा रही है और इससे निपटने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम से आवश्यक कार्रवाई करवाने की भी कोशिश की जाएगी।
बिल्डर से हिसाब मांगेंगे लंबित काम
महासचिव लीना गुप्ता के मुताबिक, बिल्डर से पूर्ण हैंडओवर लेना नए बोर्ड की प्राथमिकता है। इसके साथ ही बेसमेंट में जॉइंट एक्सपेंशन और बिल्डिंग की वाइटवॉश जैसे जरूरी काम भी बिल्डर से करवाए जाएंगे। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर सोसाइटी के निवासी एकजुट हैं और लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
पंचशील प्रिमरोज में महिलाओं को शीर्ष जिम्मेदारियां मिलना उन सोसाइटियों के लिए भी संदेश है, जहां महिलाओं से सहयोग तो लिया जाता है, लेकिन नेतृत्व के मौके सीमित रह जाते हैं। हालांकि, नई AOA के सामने अब असली परीक्षा है, क्या वह बिल्डर से पूर्ण हैंडओवर दिला पाएगी ? क्या सीवर संकट और दूसरे लंबित मुद्दों का ठोस समाधान निकलेगा ? और क्या निवासियों का भरोसा कामकाज में भी दिखाई देगा ?
