आईजीआरएस पर गलत रिपोर्टिंग की शिकायत से तनी सीएम योगी की भृकुटि, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश!
जनता दर्शन में गलत रिपोर्टिंग की शिकायत पर गंभीर हुए योगी आदित्यनाथ
बोले– पीड़ितों की शिकायतों का हो समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गोरखपुर। गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया। लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि हर समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाए जाने की शिकायत प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री की भृकुटि तन गई। इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान देकर समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन के दौरान यह निर्देश दिए। दरअसल, जनता दर्शन में कुछ लोगों ने शिकायत की कि आईजीआरएस पोर्टल पर उनकी समस्याओं के संबंध में गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए गलत रिपोर्टिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
शिकायत का निस्तारण कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए
मुख्यमंत्री के इस निर्देश ने सरकारी शिकायत निवारण व्यवस्था में जवाबदेही का सवाल फिर सामने ला दिया है। आईजीआरएस का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समाधान पाने का प्रभावी माध्यम उपलब्ध कराना है। लेकिन यदि शिकायतों पर वास्तविक कार्रवाई किए बिना गलत रिपोर्ट लगाकर उन्हें निस्तारित दिखा दिया जाता है तो पोर्टल पर दर्ज निस्तारण के आंकड़े और पीड़ित को मिली वास्तविक राहत के बीच अंतर पैदा हो जाता है।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसके निस्तारण की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा है तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
जमीन कब्जाने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का भी भरोसा
जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल से इलाज का एस्टीमेट तैयार कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजने का निर्देश दिया, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
एक दिव्यांग युवती ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इंटरमीडिएट पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उसके प्रार्थना पत्र पर उचित सहयोग करने के निर्देश दिए।
