हाईराइज सोसाइटियों में दीपावली की तैयारी, लेकिन अग्नि सुरक्षा के इंतजाम कितने पुख्ता ?
मुंबई की 21 मंजिला इमारत में आग से तीन लोग झुलसे
गाजियाबाद-नोएडा की सोसाइटियों में भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
फायर सेफ्टी ऑडिट में मिलीं खामियां, IGL और अग्निशमन विभाग ने जारी किए सुरक्षा निर्देश!
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
मुंबई/गाजियाबाद। दीपावली पर घर रोशन करने का उत्साह कहीं किसी परिवार के लिए खतरे की वजह न बन जाए। खासकर हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को यह समझना होगा कि एक छोटी-सी लापरवाही पूरी इमारत के सैकड़ों परिवारों की जान जोखिम में डाल सकती है। मुंबई के घाटकोपर में शुक्रवार शाम 21 मंजिला रिहायशी इमारत में लगी आग ने एक बार फिर इस खतरे की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। हादसे में तीन लोग झुलस गए और पूरी इमारत खाली करानी पड़ी। शुरुआती आशंका पटाखे, संभवतः रॉकेट, से आग लगने की जताई गई, जबकि पुलिस ने शॉर्ट सर्किट की संभावना भी बताई है। वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

गाजियाबाद-नोएडा में भी हो चुकी हैं आग की कई घटनाएं
यह खतरा केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। गाजियाबाद और नोएडा की कई बहुमंजिला सोसाइटियों में हाल के दिनों में आग की घटनाएं सामने आई हैं। गाजियाबाद की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में लगी भीषण आग ने कई फ्लैटों को प्रभावित किया था। इस घटना की जांच में अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव में कमी और दमकल वाहनों के रास्ते में अवरोध जैसी गंभीर बातें सामने आईं।
नोएडा के सेक्टर-75 स्थित फ्यूटेक गेटवे सोसाइटी में भी लगातार आग की घटनाएं सामने आई थीं। इसी सेक्टर की आईवी काउंटी सोसाइटी में भी एक फ्लैट में आग लगने की घटना हुई। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि हाईराइज सोसाइटियों में अग्नि सुरक्षा को लेकर लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।
फायर सेफ्टी ऑडिट में खुली पोल, 43 सोसाइटियों को नोटिस
गौर ग्रीन एवेन्यू की घटना के बाद गाजियाबाद अग्निशमन विभाग ने सोसाइटियों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। 165 से अधिक सोसाइटियों के निरीक्षण में 43 को अग्निशमन उपकरणों की कमी अथवा उनके ठीक से काम न करने पर नोटिस जारी किए गए। कई इमारतों में फायर एनओसी होने के बावजूद मौके पर अग्निशमन व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली।
यह स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि एनओसी होने के बावजूद फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा और दमकल वाहनों के रास्ते तक बाधित हैं, तो किसी बड़े हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी ?
IGL और अग्निशमन विभाग की चेतावनी, सावधानी जरूरी

दीपावली पर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने भी PNG गैस पाइपलाइन, गैस मीटर, रेगुलेटर और वाल्व चैंबर के आसपास पटाखे, रॉकेट, दीये और मोमबत्तियां न जलाने की सलाह दी है। गैस पाइपलाइन से छेड़छाड़ न करने और रिसाव की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षित कदम उठाने को कहा गया है।
वहीं, अग्निशमन विभाग ने दीपावली की शुभकामनाओं के साथ लोगों से सुरक्षित स्थानों पर आतिशबाजी करने, बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने देने और ज्वलनशील सामान को आग से दूर रखने की अपील की है।
कागजों पर फायर सेफ्टी या वास्तव में सुरक्षित हैं हाईराइज सोसाइटियां ?
हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल निवासियों की नहीं है। AOA और बिल्डर को यह सुनिश्चित करना होगा कि फायर हाइड्रेंट, पंप, स्प्रिंकलर और अलार्म चालू हालत में हों। फायर एग्जिट और सीढ़ियां अवरोधमुक्त रहें तथा दमकल वाहनों के लिए रास्ते खाली हों। सुरक्षा कर्मचारियों को भी आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
निवासी हर महीने मेंटेनेंस और सुरक्षा के नाम पर पैसा जमा करते हैं। ऐसे में प्रबंधन की जवाबदेही केवल शुल्क वसूलने तक सीमित नहीं हो सकती। वहीं, अग्निशमन विभाग और विकास प्राधिकरणों को भी निरीक्षण के बाद मिली खामियों को दूर कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है।
त्योहार मनाएं, लेकिन सुरक्षा की कीमत पर नहीं
मुंबई से लेकर गाजियाबाद और नोएडा तक आग की घटनाएं हाईराइज सोसाइटियों के लिए गंभीर चेतावनी हैं। एक रॉकेट की चिंगारी, बिजली के उपकरणों में खराबी या बंद पड़ा फायर सिस्टम बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
