October 23, 2026
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भंगेल एलिवेटेड रोड ट्रायल पर खुली: शहर के ‘ईस्ट कॉरिडोर’ में ट्रैफिक रीसेट करने की बड़ी उम्मीद सिर्फ जाम नहीं, नोएडा की ग्रोथ स्टोरी को भी देगा नई दिशा

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भंगेल एलिवेटेड प्रोजेक्ट की शुरुआत 2020 में हुई थी

NEWS1UP

संवाददाता

नोएडा। नोएडा के तेज़ी से फैलते शहरी ढांचे के बीच मंगलवार को एक अहम कदम उठा—भंगेल एलिवेटेड रोड को ट्रायल के लिए जनता के लिए खोल दिया गया। यह सिर्फ एक नई सड़क नहीं, बल्कि नोएडा अथॉरिटी की उस प्लानिंग का हिस्सा है जो आने वाले वर्षों में शहर के ईस्टर्न साइड को नई रफ्तार देने वाली है। DSC रोड पर बने 6-लेन के इस एलिवेटेड स्ट्रक्चर को अब शहर के ‘ईस्ट कॉरिडोर री-डिज़ाइन’ का केंद्र माना जा रहा है, क्योंकि इसी रूट पर रोजाना हजारों ऑफिस कम्यूटर्स, इंडस्ट्रियल ट्रकों और लोकल मार्केट ट्रैफिक का दबाव रहता है।

4.5 किमी का सबसे रणनीतिक हिस्सा अब जाम-मुक्त होने की ओर

आगाहपुर पेट्रोल पंप से लेकर NSEZ तक 4.5 किमी का यह एलीवेटेड हिस्सा 608.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। निर्माण ढाई महीने पहले पूरा हो गया था, लेकिन अब इसे ट्रायल ट्रैफिक के लिए खोला गया है। यह वही सेक्शन है जिसे नोएडा के ट्रांसपोर्ट प्लानर लगातार ‘हाई-स्ट्रेस ज़ोन’ बताते रहे हैं।

DSC रोड, नोएडा–ग्रेटर नोएडा–दादरी–सूरजपुर को जोड़ने वाला प्रमुख लिंक है, जहां कारोबारी इलाकों, बाजारों और गांवों के घनी बस्तियों की वजह से 24 घंटे दबाव बना रहता है।

कनेक्टिविटी का नया फ्रेमवर्क: गांवों से सेक्टरों तक सफ़र में भारी कमी

अथॉरिटी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार CEO लोकेश एम ने इस प्रोजेक्ट पर लगातार ‘ग्राउंड-लेवल इंस्पेक्शन’ किया, जिसके चलते अवधि बढ़ने के बावजूद काम अंततः गुणवत्तापूर्वक पूरा हो सका। अब इस एलिवेटेड रोड से निम्न इलाकों को सीधी राहत मिलेगी-
गांव: सदरपुर, छलेरा, अगाहपुर, बरौला, सलारपुर, भंगेल, NSEZ
सेक्टर: 40, 41, 43, 47, 48, 49, 82, 88, 101, 106, 107, 110

इन इलाकों के लोगों को रोज़ाना लगने वाले लंबे स्टॉपेज, बाजारों की भीड़भाड़ और इंडस्ट्रियल ट्रैफिक के बीच फंसने से बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रोथ की दिशा बदलने वाला “ईस्ट कॉरिडोर”

नोएडा अथॉरिटी पिछले दो वर्षों से शहर को ‘ईस्ट–वेस्ट ड्यूल कॉरिडोर’ मॉडल पर विकसित करने पर काम कर रही है। भंगेल एलिवेटेड रोड इस रणनीति का पहला बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर ब्लॉक है।

इस रूट पर-

  • IT और MSME इंडस्ट्रियल यूनिट्स तेजी से बढ़ रहे हैं

  • रेजिडेंशियल सेक्टरों की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है

  • गांवों का अर्बन-इंटीग्रेशन तेज़ हो रहा है

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एलिवेटेड रोड आगे चलकर ईस्ट नोएडा की रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को नई दिशा दे सकता है, क्योंकि अब यह इलाका ‘हाई-डेंसिटी एक्सेसिबल ज़ोन’ की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।

जाम से राहत की वास्तविक उम्मीद क्यों ?

  • एलिवेटेड रोड पर भारी वाहनों के डायवर्जन की योजना बनाई जा रही है।

  • लोकल मार्केट ट्रैफिक अब ग्राउंड लेवल पर चलेगा, जिससे कम्यूटर्स को क्लियर कॉरिडोर मिलेगा।

  • ग्रेटर नोएडा और सरफेस ट्रांसपोर्ट के बीच ट्रांसफर टाइम कम होगा।

ट्रैफिक पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि पीक आवर में औसत यात्रा समय पहले से आधा होने की संभावना है।

काम में देरी, लेकिन प्रोजेक्ट रहा हाई-प्रायोरिटी

भंगेल एलिवेटेड प्रोजेक्ट की शुरुआत 2020 में हुई थी।

  • मूल डेडलाइन: दिसंबर 2022

  • बढ़ाई गई डेडलाइन: सितंबर 2024

  • वास्तविक सम्पन्नता: लगभग 2.5 महीने पहले

कई यूटिलिटी शिफ्टिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और कोरोना-काल की देरी के बावजूद अथॉरिटी ने इसे ‘मस्ट-डिलीवर प्रोजेक्ट’ की तरह पूरा किया।

नोएडा का एक और बड़ा वादा पूरा

भंगेल एलिवेटेड रोड का ट्रायल ओपनिंग शहर में बढ़ते ट्रैफिक की समस्या के बीच एक ठोस पहल है। यह केवल जाम को खत्म करने का प्रयास नहीं, बल्कि ईस्ट नोएडा को भविष्य की शहरी मोबिलिटी के हिसाब से तैयार करने की दिशा में सबसे मजबूत कदम है।

अगर अथॉरिटी की योजना इसी गति से आगे बढ़ी, तो आने वाले समय में DSC रोड का यह हिस्सा नोएडा के सबसे स्मूद, फास्ट और हाई-इम्पैक्ट कॉरिडोर में गिना जाएगा।

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