पेपर लीक और परीक्षा धांधलियों के विरोध में भाकियू मंच का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

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राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

NEWS1UP

संवाददाता

ग्रेटर नोएडा। देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, नीट पेपर लीक, उत्तर प्रदेश एसएससी परीक्षा निरस्त होने तथा सीबीएसई कॉपी जांच में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन मंच के नेतृत्व में गौतम बुद्ध नगर स्थित डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही खामियों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि वर्तमान सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, जिससे देशभर के युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्र हितों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

नीट पेपर लीक से बढ़ा छात्रों में तनाव

संगठन के महासचिव मनविंद्र भाटी ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश के लाखों छात्रों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। सरकार को तत्काल प्रभाव से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में कठोर कदम उठाने चाहिए।

दोबारा परीक्षा होने पर मुफ्त सुविधा देने की मांग

ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि यदि नीट परीक्षा दोबारा आयोजित की जाती है तो सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र तक निःशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही छात्रों के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था भी सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आर्थिक अथवा मानसिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

पेपर लीक पर कठोर कानून बनाने की मांग

भारतीय किसान यूनियन मंच ने यह भी मांग की कि भविष्य में पेपर लीक एवं परीक्षा घोटालों को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए जाएं तथा दोषी अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। संगठन का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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