पेपर लीक पर जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, उत्तराखंड में दो पेपर रद्द, अब केंद्र का बड़ा एक्शन
पीएम मोदी के निर्देश के बाद केंद्र सख्त
NEET आरोपियों पर फास्ट-ट्रैक ट्रायल का ऐलान
CBI जल्द दाखिल करेगी चार्जशीट
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार उठ रहे सवालों और देशभर में बढ़ते छात्र आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर ली है। बहुचर्चित NEET पेपर लीक मामले में आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा तथा दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक ओर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 दिनों से अधिक समय से अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग के दो प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने के बाद दोनों परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं। इन घटनाओं ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पेपर लीक अब किसी एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरे देश की परीक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
युवाओं का भविष्य सर्वोपरि: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों, जांच एजेंसियों और राज्यों को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा मामलों का शीघ्र निस्तारण हो।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध और कठोर सजा दिलाना है, ताकि भविष्य में कोई भी परीक्षा माफिया इस प्रकार के अपराध का दुस्साहस न कर सके।
चार हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में बनेंगी विशेष अदालतें
सूत्रों के अनुसार, नए नकल विरोधी कानून के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई होगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
फिलहाल इस अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से दो मामले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
CBI एक्शन मोड में, 13 आरोपियों के खिलाफ जल्द चार्जशीट
मामले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य जुटा लिए हैं। माना जा रहा है कि फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन के साथ ही अभियोजन प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ेगी।
उत्तराखंड की घटना ने बढ़ाई चिंता
इसी बीच उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग के दो प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने की सूचना के बाद दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना इस बात का संकेत है कि पेपर लीक की समस्या केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों की परीक्षा प्रणाली भी इसकी चपेट में आती दिखाई दे रही है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन बना जारी

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 25 दिनों से अधिक समय से चल रहा आंदोलन अब केवल NEET तक सीमित नहीं रह गया है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे अभ्यर्थी और छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई, समयबद्ध न्याय और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय अभियान का रूप ले चुका है।
क्या टूटेगा पेपर लीक माफिया का नेटवर्क ?
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे में फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन, नए नकल विरोधी कानून का सख्ती से प्रयोग, CBI की त्वरित चार्जशीट और सरकार की स्पष्ट मंशा यह संकेत देती है कि अब परीक्षा माफिया के खिलाफ केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि निर्णायक कानूनी अभियान शुरू होने जा रहा है।
