प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
छात्र आंदोलन के दबाव के बीच बदला शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व
प्रधानमंत्री के विश्वास पर पूरी निष्ठा से खरा उतरूंगा: प्रह्लाद जोशी
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नई दिल्ली। देशभर में NEET प्रश्नपत्र लीक को लेकर चले लंबे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। रविवार को उन्होंने औपचारिक रूप से मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया। इससे एक दिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
पदभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वह कर्तव्य, जवाबदेही और विनम्रता के साथ निभाने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहेगा।
पेपर लीक विवाद ने ली राजनीतिक करवट

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक को लेकर पिछले कई सप्ताह से देशभर में छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया, जिसने समय के साथ राष्ट्रीय स्तर का जनआंदोलन का रूप ले लिया।
जून के अंत में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने और भूख हड़ताल पर बैठने के बाद आंदोलन और तेज हो गया। 20 जुलाई को हजारों छात्रों ने संसद मार्च का प्रयास किया, जिसके दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सरकार पर राजनीतिक और नैतिक दबाव और बढ़ गया।
यह पद नहीं, नैतिक जिम्मेदारी का प्रश्न था: प्रधान
इस्तीफा देते समय धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह केवल मंत्री पद का मामला नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और नैतिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से व्यथित किया और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं।
आंदोलन समाप्त, लेकिन चुनौतियां बरकरार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलनकारियों ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक को लेकर सरकार के सामने अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी परीक्षा केवल मंत्रालय संभालने की नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों और अभिभावकों का डगमगाया विश्वास दोबारा कायम करने की होगी।
