14 वर्षों बाद फिर बुलंद होगी जनसरोकारों की आवाज़, चैंपियन सोसाइटी की कमान कमल शर्मा के हाथों में
दादरी की सामाजिक चेतना को नई ऊर्जा देने का संकल्प, तीन दशक पुरानी संस्था ने नए नेतृत्व के साथ की नई शुरुआत
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विशेष संवाददाता
गाजियाबाद/दादरी। किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक पहचान उसके पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि समाज के बीच उसकी सक्रिय भूमिका और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से बनती है। दादरी क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय तक सामाजिक सरोकारों, जनजागरण और नागरिक अधिकारों की बुलंद आवाज़ रही चैंपियन सोसाइटी ने लगभग 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। इस नई शुरुआत के साथ संस्था ने सर्वसम्मति से चैंपियन कमल शर्मा को अपना नया अध्यक्ष चुनकर संगठन के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी।
गाजियाबाद के आरडीसी स्थित एक मीटिंग हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में निवर्तमान अध्यक्ष चैंपियन राजकुमार चौधरी, पूर्व अध्यक्ष चैंपियन उमेश शर्मा तथा वरिष्ठ चैंपियन शिव कुमार अग्रवाल ने प्रशस्ति-पत्र भेंट कर कमल शर्मा का सम्मान किया और उन्हें संस्था की बागडोर सौंपी। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने इसे केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि संस्था के नए दौर की शुरुआत बताया।
जब समाज की आवाज़ बना था चैंपियन आंदोलन

वर्ष 1993 में युवा शक्ति संगठन के रूप में स्थापित इस संगठन का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि समाज को संगठित करना और युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देना था। वर्ष 2003 में संगठन का विस्तार करते हुए इसे चैंपियन सोसाइटी का स्वरूप दिया गया।
समय के साथ संस्था ने शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन मुद्दों को भी मजबूती से उठाया, जो सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े थे। दादरी क्षेत्र में बिजली संकट, पेयजल व्यवस्था, सड़कों की समस्याएँ, युवाओं के लिए अवसर, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े अनेक विषयों पर संस्था ने लगातार अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। कई अवसरों पर प्रशासन और समाज के बीच संवाद स्थापित करने में भी संगठन की भूमिका उल्लेखनीय रही। यही कारण है कि चैंपियन सोसाइटी को केवल एक सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जनसरोकारों के एक विश्वसनीय मंच के रूप में पहचान मिली।
राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का अनूठा संगम

चैंपियन सोसाइटी की पहचान केवल जनहित के मुद्दों तक सीमित नहीं रही। संस्था द्वारा देश के वीर शहीदों की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय सम्मान एवं कवि सम्मेलन वर्षों तक क्षेत्र का प्रतिष्ठित आयोजन रहा। इस मंच ने साहित्य, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना को एक साथ जोड़ते हुए अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया और नई पीढ़ी को समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराया।
14 वर्षों बाद फिर एक मंच पर लौटे पुराने साथी

समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा, जब वर्षों बाद संस्था से जुड़े पुराने साथी एक बार फिर एक मंच पर एकत्र हुए। लंबे अंतराल के बाद हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि उन स्मृतियों, संघर्षों और सामाजिक प्रतिबद्धताओं का पुनर्स्मरण थी, जिन्होंने कभी चैंपियन सोसाइटी को क्षेत्र की पहचान बनाया था। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन एक बार फिर समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाएगा।
संगठन का लक्ष्य समाज के बीच रहकर समाधान खोजना: चैंपियन कमल शर्मा

नवनिर्वाचित अध्यक्ष कमल शर्मा ने कहा कि चैंपियन सोसाइटी की सबसे बड़ी पूंजी उसके सदस्य और उसकी सामाजिक विश्वसनीयता है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, युवा सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए प्रशासन और नागरिकों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करना भी संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उनका कहना था कि संगठन केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज़मीनी समस्याओं के समाधान के लिए समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगा।
नए साथियों के साथ बढ़ा चैंपियन परिवार

संस्था ने अपने विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा से संजय शर्मा, गाजियाबाद से प्रमोद धनकड़, सत्यभूषण अग्रवाल, सर्वेश शुक्ला, प्रभात अरोड़ा, गौरव अग्रवाल, रजनीश अग्रवाल तथा फरीदाबाद से उमेश शर्मा को सदस्यता प्रदान की। संगठन ने स्पष्ट किया कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी और सक्रिय लोगों को साथ जोड़कर जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
नेतृत्व पद से नहीं, जिम्मेदारी निभाने से सिद्ध होता है: चैंपियन शिव कुमार अग्रवाल

वरिष्ठ चैंपियन शिव कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि एक बार किसी ने बिच्छुओं के समूह से पूछा कि उनका नेता कौन है। उत्तर मिला, “हाथ डालकर देख लो, स्वयं पता चल जाएगा।” उन्होंने कहा कि वास्तविक नेतृत्व वही है, जो सबसे आगे खड़े होकर कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाए। उनका यह संदेश उपस्थित सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

इस अवसर पर सभी चैंपियंस को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह का कुशल संचालन चैंपियन सोसाइटी के संस्थापक भूमेश शर्मा ने किया।
समारोह में संस्था के संस्थापक सदस्य भूमेश शर्मा, नवीन रावल, विकास शर्मा, सुभाष वत्स, ईश्वर वर्मा, भूपेंद्र मंगल (एडवोकेट), राव राजेश भाटी (एडवोकेट) सहित वरिष्ठ चैंपियन एस.के. सिंह, आर.पी. शर्मा, उमेश बंसल, संजय अग्रवाल, पवन रावल, संदीप शर्मा, अनुपम आदि उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त मणिपाल हॉस्पिटल के निदेशक के. शमशुद्दीन, वरिष्ठ पत्रकार अखंड प्रताप सिंह, दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर संस्था की नई शुरुआत को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
