गुलमोहर एन्क्लेव के गेट पर आवारा पशुओं का डेरा, हादसे का बढ़ा खतरा
खाना खिलाने से बढ़ रहा जमावड़ा, निवासी ने बैल के हमले का अनुभव बताया
गौरव बंसल ने जिलाधिकारी और नगर निगम से कार्रवाई की मांग की
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी के मुख्य गेट के बाहर आवारा गायों और बैलों का लगातार बढ़ता जमावड़ा अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गेट के आसपास कुछ लोगों द्वारा पशुओं को खाना खिलाए जाने के कारण वे भोजन की उम्मीद में इसी स्थान पर जमा रहते हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों, पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

सोसायटी के बुजुर्ग निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि पशुओं को खाना खिलाने के कारण उनका जमावड़ा लगातार बना रहता है और कई बार वे आक्रामक भी हो जाते हैं।
74 वर्षीय दिनेश सिंह कहते हैं-

“मैं स्वयं इसका भुगतभोगी हूं। मुझ पर बैल हमला कर चुका है। एक सम्मानित महिला पर भी पशु हमला कर चुका है। इसलिए सभी लोग सावधानी बरतें और गेट के आसपास पशुओं को खाना खिलाने से बचें।”
दिनेश सिंह के मुताबिक, पशुओं को खाना खिलाने से रोकने की अपील करने पर कई बार अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। उनका कहना है कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक रास्ते और सोसायटी के मुख्य गेट को उन्हें खाना खिलाने का स्थान बना देना लोगों की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए गौरव बंसल ने जिलाधिकारी और नगर निगम को पत्र भेजकर गेट के बाहर घूम रहे आवारा गायों और बैलों को हटाने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, जिससे पशु दोबारा यहां जमा न हों।

गौरव बंसल ने कहा कि मुख्य गेट के बाहर पशुओं का जमावड़ा किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने निवासियों और बाहर से आने वाले लोगों से भी अपील की कि गुलमोहर एन्क्लेव के गेट के आसपास गाय, बैल या अन्य आवारा पशुओं को खाना न खिलाएं।
सोसायटी के बाहर की तस्वीरें भी स्थिति की गंभीरता बयां कर रही हैं, जहां बड़ी संख्या में गाय और बैल सड़क पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम और जिला प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके।
