सावन में शिवभक्ति का उमड़ा सैलाब, रुद्राभिषेक के साथ शिवपुराण कथा का भव्य समापन
बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था
सात दिनों तक गूंजता रहा हर-हर महादेव और बम-बम भोले का जयघोष
NEWS1UP
धर्म कर्म डेस्क
गाजियाबाद। सावन के पावन महीने में दिल्ली-मेरठ रोड से लगे हम-तुम रोड (मोरटा) स्थित निलाया ग्रीन्स एवं महक जीवन सोसायटी के मध्य आर.एल. मार्केट परिसर सात दिनों तक शिवभक्ति में डूबा रहा। यहां 6 अगस्त से शुरू हुई सात दिवसीय श्री शिवपुराण कथा का 12 अगस्त को भव्य धार्मिक अनुष्ठानों, रुद्राभिषेक, महायज्ञ और भंडारे के साथ समापन हुआ।

लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त कथा पंडाल में पहुंचे और भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया। वृंदावन से पधारे कथा व्यास पं. बिहारीलाल जी महाराज ने शिवपुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, शिव तत्व, सृष्टि रचना और निराकार से साकार स्वरूप में प्रकट होने की कथाओं से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से जोड़ा।
कथा के दौरान तुलसीदास जी की चौपाइयों, भजन-संकीर्तन और संगीतमय पाठ ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। रुद्रावतारी हनुमान जी की कथा ने भी श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
रुद्राभिषेक में गूंजा हर-हर महादेव
कथा के समापन अवसर पर भगवान शिव का वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भव्य रुद्राभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने जल, दुग्ध और विभिन्न पूजन सामग्रियों से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र के मंगल की कामना की। इस दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा।

रुद्राभिषेक और विशाल महायज्ञ के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में हलवा, पूरी और सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजन में मुख्य यजमान मुकेश त्यागी एवं उनकी धर्मपत्नी ने पूजन, हवन और आरती में सहभागिता निभाई। आयोजन को सफल बनाने में अनिल शर्मा, यतीन्द्र गुप्ता, महेश शर्मा (पंडित), डॉ. मुन्ना लाल, मनजीत चौहान, स.प. शर्मा, कृष्ण कुमार पांडे, मुरारी लाल शर्मा, ओम प्रकाश झा, मितेश मल्होत्रा, ललित शर्मा, प्राची मिश्रा, जे.से. भड़ाना सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजन समिति के अनुसार, शिवपुराण कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव, संस्कार और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करना भी है। सात दिनों तक श्रद्धालुओं की जिस तरह की सहभागिता रही, वह भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक रही।
