आजादी का अर्थ अराजकता, गरीबी और असमानता से मुक्ति : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास पर किया ध्वजारोहण
कीर्ति चक्र से सम्मानित उप्र पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक दासता से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से पूर्ण मुक्ति भी है। शनिवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश ने विदेशी शासन से मुक्ति हासिल की, लेकिन उस समय मौजूद अनेक सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से लड़ाई आज भी जारी है। पिछले दशकों में बहुआयामी गरीबी से करोड़ों लोगों के बाहर आने, शिक्षा के विस्तार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने को उन्होंने स्वतंत्रता के व्यापक अर्थ की दिशा में आगे बढ़ता कदम बताया।

योगी ने देशवासियों से देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों से विकास को नई गति मिली है। डीबीटी, रोजगार, आधुनिक तकनीक, मेडिकल कॉलेज, एम्स, मेट्रो, रैपिड रेल और आधुनिक रेल सेवाओं का विस्तार इसी परिवर्तन का हिस्सा है।
स्वतंत्रता की कीमत याद रखना जरूरी
मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर चौरीचौरा और काकोरी ट्रेन एक्शन तक आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले वीरों को याद किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों के बावजूद स्वतंत्रता सेनानियों का लक्ष्य एक था, भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराना।
उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्र भारत की सीमाओं तथा आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, जिन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है, के बलिदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी बनाने में ऐसे जांबाजों का बलिदान प्रेरणा देता है। उन्होंने वीरता पुरस्कार पाने वाले प्रदेश के अन्य पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों को भी बधाई दी।
योगी ने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ योगदान दे, तो आत्मनिर्भर और विकसित भारत का लक्ष्य केवल संकल्प नहीं, बल्कि स्थायी उपलब्धि बन सकता है।
