राजनगर एक्सटेंशन में कुत्तों का खूनी आतंक! 48 घंटे में 2 मासूम बच्चियों पर हमला
एक बच्ची को 4-5 कुत्तों ने नोचा, दूसरी को बेसमेंट में घसीटा
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रशासन बेखबर ?
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में आवारा कुत्तों का आतंक अब मासूमों की जान पर भारी पड़ रहा है। महज 48 घंटे में दो अलग-अलग सोसाइटियों में दो बच्चियां कुत्तों के झुंड के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं। पहली घटना मंगलवार को रामेश्वरम सोसाइटी की है, जहां 6 साल की बच्ची पर 4-5 कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोच डाला। बच्ची के शरीर पर आए जख्म हमले की भयावहता बयां कर रहे हैं।
दूसरी घटना बुधवार को राजनगर रेजीडेंसी सोसाइटी के बेसमेंट में हुई। यहां एक सफाई कर्मचारी की मासूम बेटी पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्ची को कुत्तों ने नोचा और घसीटा। वह जमीन पर पड़ी दर्द से चीखती रही, मदद के लिए पुकारती रही।
बच्ची की चीख सुनकर सी-ब्लॉक का गार्ड बेसमेंट में पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। 4-5 कुत्ते बच्ची को घेरकर नोच रहे थे। एक अन्य युवक की मदद से किसी तरह बच्ची को बचाया गया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह घायल हो चुकी थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में बच्ची दर्द से रोती और चीखती नजर आ रही है। वीडियो देखकर लोगों का कलेजा कांप रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कुत्तों का आतंक क्यों ?
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद राजनगर एक्सटेंशन में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी समस्या से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
फिर सवाल सीधा है कि-
अगर कार्रवाई हो रही है तो सोसाइटियों में कुत्तों के झुंड क्यों घूम रहे हैं ? बच्चों पर हमले क्यों नहीं रुक रहे ? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ?
राजनगर एक्सटेंशन के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आ रही। कुत्तों के झुंड सोसाइटियों के अंदर और बेसमेंट तक पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में डर बढ़ रहा है।
सवाल सिर्फ कुत्तों का नहीं, प्रशासन की जवाबदेही का है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं तो अमल कहां है ? शिकायतें हैं तो कार्रवाई कहां है ? और अगर खतरा पहले से मौजूद है, तो प्रशासन जागेगा कब ?
राजनगर एक्सटेंशन की दो मासूम बच्चियों के जख्म अब व्यवस्था से जवाब मांग रहे हैं।
