कॉमन सुविधा या निजी संपत्ति ? KDP Grand Savana के गेस्ट हाउस पर GDA की जांच शुरू
क्लब हाउस के ऊपर निर्माण रोकने के मौखिक निर्देश
2014 के DOD, स्वीकृत नक्शे और कम्पाउंडिंग फाइलों की जांच से साफ होगी तस्वीर
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित केडीपी ग्रैंड सवाना सोसाइटी में कॉमन गेस्ट हाउस, लंबित कंप्लीशन सर्टिफिकेट एवं अन्य मांगों को लेकर AOA का धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। लगातार चार दिन से चल रहे विरोध के बीच आखिरकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की टीम सोसाइटी पहुंची और AOA द्वारा लगाए जा रहे कथित अनधिकृत निर्माण के आरोपों के बीच मौके की स्थिति का निरीक्षण किया। GDA टीम के पहुंचने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। अधिकारियों ने क्लब हाउस के ऊपर चल रहे निर्माण को तत्काल रोकने के लिए मौखिक निर्देश दिए और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों व कम्पाउंडिंग फाइलों की जांच का भरोसा दिलाया।

DOD को आधार बनाकर AOA ने उठाया स्वामित्व पर सवाल
AOA का कहना है कि वर्ष 2014 के डीड ऑफ डिक्लेरेशन (DOD) और परियोजना से संबंधित मूल दस्तावेजों में गेस्ट हाउस को सोसाइटी के निवासियों की कॉमन सुविधा/साझा संपत्ति के रूप में दर्शाया गया है। AOA ने GDA अधिकारियों के समक्ष सवाल उठाया कि यदि गेस्ट हाउस कॉमन सुविधा का हिस्सा है, तो उसे कथित रूप से निजी संपत्ति मानकर किसी व्यक्ति के पक्ष में बेचने या हस्तांतरित करने का आधार क्या था ? AOA ने इस कथित हस्तांतरण की कानूनी प्रक्रिया और उसके दस्तावेजी आधार की जांच की मांग की है।
कॉमन एरिया के स्वरूप में बदलाव पर भी सवाल
AOA ने निर्माण के साथ-साथ कॉमन सुविधा के स्वरूप में बदलाव को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई। AOA का कहना है कि कॉमन एरिया या साझा सुविधा में इस स्तर का परिवर्तन निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों के बिना नहीं किया जा सकता।
AOA ने अधिकारियों के सामने यह भी सवाल रखा कि निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित स्वीकृतियां ली गई थीं या नहीं और क्या वर्तमान निर्माण स्वीकृत नक्शे एवं प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुरूप है। इन सवालों पर अब GDA की दस्तावेजी जांच महत्वपूर्ण होगी।

GDA अधिकारी बोले, क्लब हाउस के ऊपर फ्लैट का निर्माण मिला
GDA के सहायक अभियंता सुरजीत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लब हाउस के ऊपर फ्लैट का निर्माण होता पाया गया। उन्होंने कहा कि निर्माण को रोकने के लिए मौके पर मौखिक निर्देश दिए गए हैं।
सहायक अभियंता के मुताबिक,
निर्माण से संबंधित कम्पाउंडिंग फाइलों की जांच की जाएगी और रिकॉर्ड देखने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
AOA के सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी
GDA अधिकारी ने कहा कि AOA द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में बिल्डर द्वारा प्राधिकरण के नियमों, स्वीकृत मानचित्र या अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बयान के बाद अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका GDA की जांच की हो गई है। दस्तावेजों के परीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि वर्तमान निर्माण को लेकर प्राधिकरण के रिकॉर्ड में क्या स्थिति दर्ज है।
मौखिक निर्देश के बाद लिखित आदेश का इंतजार
फिलहाल GDA की ओर से मौके पर निर्माण रोकने के लिए मौखिक निर्देश दिए गए हैं। AOA की मांग है कि निर्माण पर रोक से संबंधित औपचारिक लिखित आदेश भी जल्द जारी किया जाए। वहीं, AOA का चार दिन से जारी धरना भी कॉमन गेस्ट हाउस के साथ-साथ आईएफएमएस, कंप्लीशन सर्टिफिकेट से जुड़े सवालों को लेकर केंद्रित है।
