15 साल से जाम में कराह रहा क्रॉसिंग रिपब्लिक, अब 131 करोड़ से नाले के ऊपर बनेगी सड़क
शाहबेरी में नाले के ऊपर बनेगी 12 मीटर चौड़ी सड़क
1752 मीटर लंबे मार्ग को शासन की मंजूरी
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। 15 साल से जाम में जूझ रहे क्रॉसिंग रिपब्लिक के लोगों को अब एक और सड़क से राहत की उम्मीद है। शाहबेरी में 131 करोड़ रुपये की लागत से 1752 मीटर लंबे नाले को ढककर 12 मीटर चौड़ा मार्ग बनाने की योजना को शासन की मंजूरी मिल गई है। यह सड़क एनएच-9 से शाहबेरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता बन सकती है। लेकिन इस उम्मीद के साथ पुराना सवाल भी खड़ा है, जब पहले एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव धरातल पर नहीं उतर सका, तो क्या इस बार मंजूर परियोजना समय रहते जमीन पर उतरेगी ? फिलहाल धनराशि जारी होने का इंतजार है, जबकि क्षेत्र के निवासी रोजाना जाम की कीमत अपना समय गंवाकर चुका रहे हैं।
सड़क के लिए जगह नहीं, नाले के ऊपर बनेगा रास्ता

शाहबेरी और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों का दबाव बढ़ने के बावजूद मौजूदा सड़क का विस्तार आसान नहीं है। एक ओर आवासीय इमारतें हैं, दूसरी ओर करीब 12 मीटर चौड़ा नाला। इसी बाधा को दूर करने के लिए नगर निगम ने नाले के ऊपर सड़क बनाने की योजना तैयार की है।
इसके तहत पहले नाले को पक्का किया जाएगा और फिर उसे ढककर सड़क बनाई जाएगी। प्रस्तावित मार्ग रेलवे लाइन के पास से शुरू होकर एबीईएस कॉलेज होते हुए शाहबेरी तक पहुंचेगा। इससे एनएच-9 से शाहबेरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। क्रॉसिंग रिपब्लिक के यातायात दबाव को बांटने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
15 साल से जाम झेल रहा क्षेत्र

क्रॉसिंग रेजिडेंट्स मैनेजमेंट एसोसिएशन (CROMA) के अध्यक्ष तरुण चौहान का कहना है कि क्रॉसिंग रिपब्लिक पिछले 15 वर्षों से जाम की मार झेल रहा है। इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग शासन और प्रशासन, दोनों स्तरों पर कई बार उठाई जा चुकी है।
तरुण चौहान के मुताबिक, एनएच-9 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। रोजाना जाम से लाखों लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना जल्द अमल में आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
पुराने एलिवेटेड रोड प्रस्ताव का दिया हवाला

CROMA के महासचिव रोहित चौधरी ने कहा कि अब शासन का दावा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इससे पहले एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव भी आया था, लेकिन वह आज तक अमल में नहीं आ सका। उनका कहना है कि यदि शाहबेरी में नाले के ऊपर सड़क बन जाती है, तो क्रॉसिंग रिपब्लिक के हजारों परिवारों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नाले की सफाई के लिए बनेगा डक्ट
परियोजना में जलनिकासी व्यवस्था को बनाए रखने का भी प्रावधान है। नाले को ढकने के बाद सफाई और रखरखाव में दिक्कत न आए, इसके लिए डक्ट बनाए जाएंगे, जिनके जरिए जरूरत पड़ने पर नाले तक पहुंचा जा सकेगा। सड़क निर्माण के साथ नियमित सफाई सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा, ताकि पानी की निकासी बाधित न हो।

पेट्रोल पंप के पास बॉटलनेक भी बनेगा चुनौती
शाहबेरी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सड़क का संकरा हिस्सा भी यातायात को प्रभावित करता है। व्यस्त समय में यहां वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इसके समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। नए मार्ग के साथ इस बॉटलनेक का समाधान भी जरूरी होगा, ताकि यातायात सुधार का लाभ पूरे रास्ते पर मिल सके।
मंजूरी के बाद अब धनराशि का इंतजार

महापौर सुनीता दयाल के मुताबिक, शहर में जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए कई बड़े और पुराने नालों पर काम करने की योजना है। शाहबेरी की परियोजना भी इसी दिशा में एक कदम है, जिसमें ड्रेनेज सुधार के साथ सड़क की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि परियोजना को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अब धनराशि जारी होने का इंतजार है। पैसा मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
