रेडक्रॉस सोसाइटी चुनाव में सुभाष गुप्ता समूह का दबदबा, सभी 10 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित
मुकाबले में नहीं उतरा दूसरा पैनल, बिना मतदान पूरी हुई निर्वाचन प्रक्रिया
जल्द होगा नए बोर्ड का गठन
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की जनपद शाखा गाजियाबाद के चुनाव में सुभाष गुप्ता समूह ने अपना दबदबा कायम रखा। समूह के सभी 10 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। चुनाव में किसी दूसरे पैनल के मैदान में नहीं उतरने के कारण मुकाबले की नौबत ही नहीं आई और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया बिना मतदान के संपन्न हो गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, निर्धारित समयसीमा तक कुल 10 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी 10 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
दूसरे पैनल की गैरमौजूदगी में एकतरफा रहा चुनाव
रेडक्रॉस सोसाइटी के इस चुनाव में सभी 10 सीटों पर एक ही समूह के प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना संगठन के भीतर सुभाष गुप्ता समूह की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। चुनाव में किसी अन्य पैनल की ओर से प्रत्याशी सामने नहीं आने के कारण निर्वाचन प्रक्रिया में प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धा देखने को नहीं मिली।
इस पूरे घटनाक्रम में राजेश गर्ग की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही। हालांकि, चुनावी मुकाबले से दूसरे पैनल की दूरी और सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन ने संगठन की चुनावी तस्वीर को स्पष्ट कर दिया है।
ये 10 सदस्य हुए निर्विरोध निर्वाचित
भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की जनपद शाखा गाजियाबाद के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए सदस्यों में राम दत्त शर्मा, मूल चंद गौर, सुभाष गुप्ता, अश्वनी शर्मा, विजय गौर, दिनेश कुमार गुप्ता, विजय कुमार, विवेक गुप्ता, राजेश कुमार और मयंक गुप्ता शामिल हैं।
नए बोर्ड के गठन की तैयारी
सभी 10 सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही अब जनपद शाखा में नए बोर्ड के गठन का रास्ता साफ हो गया है। नवनिर्वाचित सदस्यों की बैठक के बाद बोर्ड गठन की आगामी प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है। नए बोर्ड के गठन के साथ ही संस्था की भावी कार्ययोजना और सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी एक मानवीय संगठन है, जो आपदा राहत, आपातकालीन सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरतमंदों की मदद जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी संस्था के पदेन अध्यक्ष होते हैं। ऐसे में नई कार्यकारिणी का गठन संस्था की स्थानीय गतिविधियों के संचालन और विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
