एओए की मनमानी पर डीएम का सर्जिकल एक्शन: ‘सेवी विले डे’ सोसाइटी के पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता पाएं जाने पर कराई एफआईआर दर्ज!
जनता की शिकायतों का निस्तारण हमारी जिम्मेदारी: डीएम
NEWS1UP
विशेष संवादाता
गाजियाबाद। जहाँ लोगों ने उम्मीद की थी कि अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) और रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) के पदाधिकारी जनता के हित में काम करेंगे, वहीं कई स्थानों पर यही लोग सत्ता के नशे में “सेवा” का अर्थ भूल बैठे। जिन्होंने जनता की सुविधा और पारदर्शिता की शपथ ली, वे अब वित्तीय अनियमितता और तानाशाही रवैये के आरोपों में घिर चुके हैं। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने ऐसे तत्वों पर नकेल कसने के लिए नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स टीम को एक्शन मोड में ला दिया है।

सेवी विले डे सोसाइटी: वित्तीय गड़बड़ी पर FIR दर्ज
सेवी विले डे सोसाइटी, राजनगर एक्सटेंशन के निवासी सत्यजीत कुमार की शिकायत पर हुई जांच में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान पदाधिकारियों द्वारा वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के साक्ष्य सामने आए। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त से दूरभाष पर वार्ता कर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित सोसाइटी के पदाधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अनियमितता, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
यह कार्रवाई उन अनेकों सोसाइटियों के लिए नज़ीर बन सकती है जहाँ पदाधिकारी एओए को अपनी “निजी जागीर” की तरह चलाते हैं।
शिलर इंस्टिट्यूट में पदभार ग्रहण पुलिस बल की मौजूदगी में
टास्क फोर्स के निर्देश पर शिलर इंस्टिट्यूट, राजनगर में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को पुलिस की मौजूदगी में पदभार ग्रहण कराया गया। नगर मजिस्ट्रेट डॉ. सन्तोष कुमार उपाध्याय ने जानकारी दी कि इस कार्यवाही के लिए नायब तहसीलदार आलोक यादव को मजिस्ट्रेट नामित किया गया था। उन्होंने बताया कि “प्रभारी निरीक्षक थाना कविनगर की उपस्थिति में पुराने पदाधिकारियों से नवनिर्वाचित समिति को दस्तावेज़ों एवं अभिलेखों का विधिवत हैंडओवर कराया गया।” यह कदम प्रशासन की पारदर्शिता और नियमसम्मत प्रक्रिया के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
आपकी शिकायतों का निस्तारण हमारी जिम्मेदारी: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि शासन का उद्देश्य स्पष्ट है-
“किसी भी व्यक्ति का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने जनता से अपील की-
“यदि किसी को लगता है कि उसकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ, तो वह सीधे मुझसे मिले। आपकी समस्याओं का निस्तारण कराना हमारी जिम्मेदारी है।”
लोगों में बढ़ा भरोसा, प्रशासन पर जागा विश्वास
जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए इन सख्त कदमों से लोगों में प्रशासन के प्रति नया विश्वास जगा है। वर्षों से सोसाइटी की मनमानी झेल रहे निवासियों को अब यह भरोसा हुआ है कि “व्यवस्था” ही सर्वोच्च है। अब प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो जनता की सेवा के लिए चुने गए हैं, अगर वही जनता का शोषण करेंगे, तो कुर्सी बचाना मुश्किल होगा। जिलाधिकारी की इस कार्यवाही ने यह सन्देश दिया है कि पद का अर्थ शक्ति नहीं, सेवा है।
