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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 9 IAS अधिकारियों के तबादले !

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कई को मिला अतिरिक्त प्रभार

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 9 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में कई अहम विभागों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसे सरकार की प्रशासनिक रणनीति और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

क्या हैं बड़े बदलाव ?

एस.एम. देवराज को प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के साथ-साथ उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

अनुराग यादव को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से हटाकर समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।

आलोक कुमार-III को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, साथ ही वे वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी और जीरो पावर्टी के नोडल अधिकारी बने रहेंगे।

सौरभ बाबू को ग्राम्य विकास विभाग के साथ-साथ दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

इन अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

रवि रंजन को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन और यूपी एग्रो से हटाकर विशेष सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बनाया गया है।

टी.के. शिबु को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के साथ-साथ यूपी एग्रो का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

हिमांशु कौशिक को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।

सौम्या गुरूरानी को नगर आयुक्त, शाहजहांपुर नगर निगम बनाया गया है।

डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा को शाहजहांपुर से हटाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

 क्या संकेत देता है यह फेरबदल ?

सूत्रों के मुताबिक, यह प्रशासनिक बदलाव राज्य सरकार की तेज निर्णय क्षमता, विभागीय समन्वय और विकास योजनाओं को गति देने की रणनीति का हिस्सा है। खासतौर पर आईटी, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में नए सिरे से फोकस बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं।

इस फेरबदल में जिन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, वह बताता है कि सरकार अनुभवी अफसरों पर भरोसा कायम रखते हुए मल्टी-डिपार्टमेंट मैनेजमेंट मॉडल पर काम कर रही है। वहीं, प्रतीक्षारत अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां देकर प्रशासनिक संतुलन बनाने की कोशिश भी साफ दिख रही है।

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