‘लग्जुरिया एस्टेट’ में पेंट वर्क विवाद गहराया, प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल
क्वोरम से लेकर टेंडर तक पर मतभेद,
निवासी और AOA BOARD आमने-सामने
निष्पक्ष जांच की मांग
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। NH-24 स्थित आदित्य वर्ल्ड सिटी की लग्जुरिया एस्टेट सोसाइटी में पेंट वर्क से जुड़ी प्रस्तावित वसूली को लेकर विवाद तेज हो गया है। एक ओर निवासियों ने जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) के क्वोरम, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय निर्णयों पर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं, वहीं अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन प्रबंधन समिति ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रियाओं के नियमों के अनुरूप होने का दावा किया है। मामले को लेकर अब प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं के आरोप
सोसाइटी के 64 निवासियों ने जिला प्रशासन को दी शिकायत में कहा है कि 13 अप्रैल 2025 को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में आवश्यक क्वोरम पूरा नहीं था, इसके बावजूद बैठक में लिए गए निर्णयों को वैध मानकर लागू कर दिया गया। शिकायत के अनुसार, इसी आधार पर 11 मई 2025 से पेंट वर्क के नाम पर 2 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली शुरू की गई।
निवासियों ने टेंडर प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए न तो किसी प्रमाणित इंजीनियर की सर्वे रिपोर्ट साझा की गई और न ही पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित की गई। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 3 नवंबर 2025 तय थी, जबकि कुछ निविदाएं कथित रूप से 8 नवंबर 2025 के बाद प्राप्त हुईं, जिन्हें स्वीकार किया गया।
AOA बोर्ड का पक्ष
वहीं, AOA बोर्ड के पदाधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि GBM में आवश्यक क्वोरम पूरा किया गया था और सभी निर्णय बाय-लॉज़ के अनुरूप लिए गए। बोर्ड का यह भी दावा है कि टेंडर प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर और नियमों के अनुसार ही पूरी की गई।

विशेषज्ञों की राय
आवासीय सोसाइटियों के प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता और प्रक्रियाओं का सही पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि निविदाएं निर्धारित समय सीमा के बाद स्वीकार की जाती हैं, तो यह निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों के विपरीत माना जा सकता है। इसी तरह, तकनीकी सर्वे, सटीक लागत आकलन और प्रतिस्पर्धी टेंडरिंग का अभाव संदेह को जन्म देता है।
प्रशासन से जांच की मांग
निवासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट और डिप्टी रजिस्ट्रार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, सोसाइटी के वित्तीय लेन-देन का स्वतंत्र ऑडिट, GBM की कार्यवाही, क्वोरम का विवरण, टेंडर प्रक्रिया, वेंडर चयन और इंजीनियर सर्वे रिपोर्ट की जांच कराने की भी अपील की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पेंट वर्क के नाम पर की जा रही वसूली को जांच पूरी होने तक रोका जाए।
व्यक्ति नहीं, व्यवस्था पर सवाल
प्रदीप बैंस, आरपी तिवारी, नरेश चौहान, अमित राणा, अमित सिंह, मोनू त्यागी, अनिरुद्ध त्यागी, कमल गुरुरानी और राहुल कौशिक सहित शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सोसाइटी के संचालन में पारदर्शिता, वैधानिकता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
