GH-7 की लिफ्ट बनी ‘फाइट क्लब’! AOA के दो पूर्व कोषाध्यक्षों में घूंसे-थप्पड़ों की बारिश, CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
बच्चों को स्कूल बस छोड़कर लौट रहे थे दोनों, महिला निवासी के बाहर निकलते ही शुरू हुई मारपीट, साढ़े चार मिनट तक लिफ्ट में चलता रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित GH-7 सोसाइटी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी टॉवर-8 की एक लिफ्ट, जो कुछ ही पलों में मारपीट का अखाड़ा बन गई। एओए के दो पूर्व कोषाध्यक्षों के बीच हुई हाथापाई का पूरा घटनाक्रम लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोसाइटी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह दोनों पूर्व पदाधिकारी अपने-अपने बच्चों को स्कूल बस में बैठाकर वापस फ्लैट की ओर लौट रहे थे। लिफ्ट में पहले से दीपक चोपड़ा मौजूद थे। इसके बाद एक महिला निवासी और प्रहलाद कुमार भी लिफ्ट में सवार हुए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद दोनों के बीच बातचीत तेज बहस में बदल जाती है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, अगली मंजिल पर महिला निवासी के लिफ्ट से बाहर निकलते ही माहौल अचानक हिंसक हो जाता है। फुटेज में प्रहलाद कुमार द्वारा दीपक चोपड़ा पर कथित रूप से पहला हमला किए जाने के बाद दोनों के बीच घूंसे, थप्पड़ और धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। दोनों एक-दूसरे से गुत्थम-गुत्था होते दिखाई देते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मारपीट के दौरान लिफ्ट कई मंजिलों पर रुकती रही, दरवाजे बार-बार खुलते और बंद होते रहे, लेकिन संघर्ष थमता नजर नहीं आया। लगभग साढ़े चार मिनट तक चले इस पूरे घटनाक्रम ने सोसाइटी के सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए।
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामला थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक तक पहुंच गया। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
चुनाव से पहले फिर गरमाई GH-7 की सियासत ?
सोसाइटी में एओए चुनाव नजदीक आते ही इस घटना ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनावी माहौल के दौरान पहले भी विवाद और गुटबाजी देखने को मिलती रही है। हालांकि, इस घटना का चुनावी राजनीति से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
मारपीट की असली वजह, किसने पहले हमला किया और विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
