राजनगर एक्सटेंशन में फिर खूनी सड़क हादसा, महिला की मौत से निवासियों में भारी रोष!
हेलमेट भी नहीं बचा सकी जान
अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आईं चार्म्स कैसल सोसायटी की अर्पिता गुप्ता
पीक ऑवर्स में बेलगाम ट्रक-डंपर और जाम से त्रस्त निवासी बोले, आखिर कब जागेगा प्रशासन ?
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में मंगलवार सुबह सड़क पर दौड़ते भारी वाहनों और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था ने एक और जिंदगी निगल ली। चार्म्स कैसल सोसाइटी की निवासी अर्पिता गुप्ता की स्कूटी सवार होने के दौरान दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। वह हेलमेट पहने हुए थीं, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि उनकी जान नहीं बच सकी।
जानकारी के मुताबिक अर्पिता गुप्ता अपने परिवार के साथ चार्म्स कैसल सोसाइटी के फ्लैट नंबर A-1606 में रहती थीं। हादसा सुबह करीब 8 बजे औरम बैंक्विट के सामने हुआ। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात बड़े वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में उनका सिर वाहन के टायर के नीचे आ गया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बनी रही।
हादसे के बाद फूटा गुस्सा, आखिर कब जागेगा प्रशासन ?
हादसे की खबर फैलते ही पूरे राजनगर एक्सटेंशन में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। निवासियों का आरोप है कि एक्सटेंशन में ट्रैफिक संचालन लंबे समय से बदहाल है। सुबह 7 से 11 बजे तक और शाम 5 से 8 बजे के बीच सड़कें भारी जाम से जूझती हैं। यही वह समय है जब बच्चे स्कूल जाते हैं और बड़ी संख्या में कामकाजी लोग अपने दफ्तरों के लिए निकलते हैं।
इसके बावजूद इन व्यस्त घंटों में भी ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन बेलगाम दौड़ते दिखाई देते हैं। निवासियों का कहना है कि आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आता।
जाम के बीच भारी वाहनों को खुली छूट क्यों ?
राजनगर एक्सटेंशन में लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ? निवासियों का आरोप है कि अगर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स पहले से तय हैं, तो इन घंटों में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही ?
