नए आयकर प्रावधानों पर गाजियाबाद में करदाताओं से सीधा संवाद
अग्रिम कर, टीडीएस, गैर-लाभकारी संस्थाओं और विदेशी परिसंपत्तियों से जुड़े अनुपालन पर हुई चर्चा
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। आयकर विभाग, गाजियाबाद ने नए कर प्रावधानों और अनुपालन व्यवस्था को लेकर करदाताओं एवं कर पेशेवरों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया। आयकर अधिनियम, 2025 एवं आयकर नियम, 2026 के अंतर्गत अनुपालन विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स बार, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड क्षेत्र अपर्णा करण, सेवानिवृत्त प्रधान आयकर आयुक्त विनय करण, मुख्य आयकर आयुक्त गाजियाबाद शेफाली स्वरूप, प्रधान आयकर आयुक्त दीपिका मित्तल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
संवाद सत्र के तकनीकी दौर में अग्रिम कर की स्थिति एवं क्षेत्रवार प्रदर्शन, टीडीएस अनुपालन व्यवस्था, पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठनों के लिए कर छूट और उनसे जुड़ी अनुपालन आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। छोटे करदाताओं की विदेशी परिसंपत्तियों से संबंधित Disclosure Scheme, 2026 के प्रावधानों को भी विस्तार से समझाया गया।
मुख्य आयकर आयुक्त शेफाली स्वरूप ने कहा कि कर व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का उद्देश्य अनुपालन को सरल और पारदर्शी बनाना तथा करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विभाग के “Facilitation First” दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रभावी कर प्रशासन के लिए विभाग और करदाताओं के बीच निरंतर संवाद एवं विश्वास जरूरी है।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करण ने करदाता-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने, स्वैच्छिक अनुपालन बढ़ाने और कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में आयकर विभाग के अधिकारियों के अलावा FOATBA के पदाधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर पेशेवरों तथा विभिन्न व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन संध्या शर्मा और महेश चन्द्र ने किया। समापन पर सीए राकेश छारिया ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
