November 5, 2026
[t4b-ticker]

DGP राजीव कृष्ण का बड़ा एक्शन: 9 जिलों के 10 थानाध्यक्ष सस्पेंड, पुलिस महकमे में हड़कंप!

0
FF

जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर गिरी गाज, तीन दिन में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

DGP का सख्त संदेश: थाने और चौकी पर ही हो शिकायतों का समाधान

NEWS1UP

 भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों की अनदेखी करने वाले पुलिस अधिकारियों पर पुलिस महानिदेशक ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर नौ जिलों के 10 थानाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, संबंधित थानाध्यक्षों को उनके वर्तमान पद से प्रत्यावर्तित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

कार्रवाई की जद में लखनऊ के बाबू बनारसीदास थाने के प्रभारी समेत लखीमपुर खीरी, उन्नाव, एटा, आगरा, प्रतापगढ़, बदायूं, बिजनौर और मथुरा के थानाध्यक्ष शामिल हैं। संबंधित जिलों से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।

जनता की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं

यूपी के DGP राजीव कृष्ण

DGP राजीव कृष्ण ने 27 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। बैठक में जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और शिकायतों पर ऐसी प्रभावी कार्रवाई हो कि फरियादियों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय या पुलिस मुख्यालय तक दौड़ लगाने की जरूरत न पड़े।

थाने से चौकी तक जवाबदेही तय करने की तैयारी

पुलिस मुख्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए पुलिस महानिदेशक ने प्रदेशभर में शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की।

बैठक में थानों और चौकियों पर जनसुनवाई की व्यवस्था बेहतर बनाने, भूमि संबंधी एवं अन्य स्थानीय विवादों में संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

IGRS से मुख्यमंत्री संदर्भ तक, हर शिकायत पर कार्रवाई जरूरी

DGP ने शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि IGRS, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। किसी भी शिकायत को दर्ज करने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।

यह निर्देश पुलिस की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। शिकायत दर्ज करने से इनकार करना या फरियादी को बार-बार थाने के चक्कर लगवाना न केवल आम नागरिक की परेशानी बढ़ाता है, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर उसके भरोसे को भी कमजोर करता है।

सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश

नौ जिलों के 10 थानाध्यक्षों के खिलाफ की गई कार्रवाई से पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को सामान्य प्रशासनिक चूक मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब संबंधित जिलों से मांगी गई तीन दिन की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed