December 11, 2025

चलती स्कूल बस का टायर सड़क पर लुढ़का! स्कूल का “पंक्चर” बहाना बेनकाब!!

0
0
0
सुरक्षित उतरने के बाद अपने माता-पिता का इंतजार करते बच्चे

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में आज एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों से लगभग भरी हुई एक बस का पिछला टायर राजनगर रेजीडेंसी सोसाइटी के सामने पर अचानक निकल गया। बस में दो दर्जन से अधिक बच्चे सवार थे। टायर अलग होते ही बस का संतुलन बिगड़ा, लेकिन गनीमत रही कि ड्राइवर ने किसी तरह वाहन को रोक लिया और बच्चे खुद को संभाल पाए। बस शहर के नामी स्कूल DPSG मेरठ रोड की है। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हर कोई बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमा हुआ था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सभी बच्चों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया, लेकिन वे बेहद डरे और सदमे में थे। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यदि बस की गति थोड़ी भी तेज होती, तो नतीजा बेहद खतरनाक हो सकता था।

घटना स्थल की फोटो

घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना था कि

स्कूलें ट्रांसपोर्ट के नाम पर भारी-भरकम शुल्क वसूलती हैं, फिर भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि

“यह लापरवाही केवल स्कूल की नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट विभाग की भी है। स्कूल बसों की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, लेकिन विभाग सिर्फ औपचारिकता निभाता है”

एक अभिभावक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वे पहले भी बस में हो रही असुविधाओं और खराब हालत की शिकायत कर चुके हैं, 

उन्होंने कहा कि-

“लेकिन स्कूल प्रबंधन शिकायतों को टाल देता है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता”

जब मीडिया ने स्कूल अथॉरिटी से इस गंभीर घटना पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उनकी ओर से बेहद लापरवाह बयान सामने आया। स्कूल अथॉरिटी  ने पूरे मामले को सामान्य बताते हुए कहा कि-

“बस का टायर पंक्चर हुआ था, जिसकी वजह से ऐसा लगा कि टायर निकला है”

लेकिन मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध तस्वीरों ने साफ-साफ दिखाया कि टायर सिर्फ पंक्चर नहीं हुआ था, बल्कि पूरा पहिया एक्सल से अलग होकर सड़क पर लुढ़क गया था। स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन के इस बयान को वास्तविकता से मुंह मोड़ना और अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बता रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब स्कूल बसों की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनके बाद प्रशासन कुछ समय के लिए सख्ती दिखाता है, लेकिन बाद में सभी व्यवस्थाएँ फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं।

आज की घटना ने शहर के अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। जिनके बच्चे बस में मौजूद थे, वे बेहद आक्रोशित हैं और स्पष्ट रूप से मांग कर रहे हैं कि शहर की सभी स्कूल बसों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों व तकनीकी जाँच तत्काल की जाए

बच्चों की सुरक्षा किसी भी संस्था, विभाग या व्यवस्था की लापरवाही पर निर्भर नहीं हो सकती। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग इस गंभीर चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!