उबलती चाय से लेकर पानी के टब में डुबोने तक: जुनून बना खूनी आदत!

सुंदर बच्चियों को देखकर भड़क जाती थी
पुलिस पूछताछ में खुद किया कबूल
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
पानीपत। हरियाणा के शांत शहर पानीपत में ऐसा रहस्योद्घाटन हुआ है, जिसने पुलिस से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया। एक ऐसी महिला का चेहरा सामने आया है, जो जितनी मासूम और खूबसूरत दिखाई देती है, उतनी ही भयावह उसकी सोच निकली। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं… यह सच्चाई है, बेहद कड़वी और दिल दहला देने वाली।
इस महिला का नाम है, पूनम, और पुलिस इसे हरियाणा की फर्स्ट महिला सीरियल किलर बता रही है। वह कोई गैंगस्टर नहीं, कोई तस्कर नहीं। वह थी परिवार और रिश्तेदारों के बीच बैठी ‘सुलझी हुई’ महिला। लेकिन उसके भीतर पल रहा जुनून इतना डरावना था कि उसने चार मासूमों की जिंदगी निगल ली, सिर्फ इसलिए कि वे उससे बड़ी होकर ज्यादा सुंदर न हो जाएं।
2021: खूबसूरती से नफरत की शुरुआत
इस कहानी की पहली डरावनी गूँज 2021 में सुनाई दी। पहली शिकार बनी थी विद्धि, रिश्तेदार की छह साल की बच्ची। पूनम ने उबलती चाय की पूरी केतली उसके चेहरे पर उड़ेल दी। बच्ची बुरी तरह झुलसी, लेकिन चमत्कारिक रूप से बच गई। विद्धि के पिता ने इसे हादसा समझकर मामला दबा दिया। पर किसी को अंदाजा नहीं था कि यह ‘हादसा’ असल में एक मनोविकृति की शुरुआत था।
2023: दो हत्याएं… और एक दिल दहला देने वाला मोड़
दो साल बाद वही जुनून फिर जागा, और इस बार जानलेवा साबित हुआ।
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पहली हत्या – इशिका
मासूम इशिका को उसने सुनियोजित तरीके से मौत के मुंह में धकेल दिया। -
दूसरी हत्या – शुभम (उसका अपना बेटा)
जब रिश्तेदारों की बच्चियों पर शक होने लगा तो पूनम ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पुलिस को स्तब्ध कर दिया। उसने अपने ही बेटे शुभम की हत्या कर दी, ताकि किसी को उस पर शक न जाए। पूछताछ में उसने जो गुनाह कबूल किया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि “पकड़े जाने से बचने के लिए मैंने अपने बेटे को मारा।”
यह वह क्षण था जब पुलिस अधिकारियों ने पहली बार समझा कि-
‘वे एक अत्यंत खतरनाक मनोदशा से सामना कर रहे हैं’
2025: वह गलती जिसने राज़ खोला
2025 में पूनम ने फिर से विद्धि को निशाना बनाया। इस बार उसने उसे पानी के टब में डुबोकर खत्म करने की कोशिश की। लेकिन किस्मत ने इस बार साथ नहीं दिया, न पूनम का और न ही उसके मनोविकृति भरा प्लान का। पुलिस को तुरंत शक हुआ कि छह साल की बच्ची खुद टब में डूब नहीं सकती। जांच में पता चला कि कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। यही सुराग था जिसने पूनम के खूनी राज़ का ताला खोल दिया।
पूछताछ में खुला खौफनाक सच
पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह के मुताबिक-

“पूनम स्मार्ट और समझदार है, लेकिन उसकी सोच खतरनाक थी। किसी भी सुंदर बच्ची को देखकर उसका दिमाग खराब हो जाता था”
पूनम ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसे सुंदर बच्चियों से नफरत थी। उसका डर था कि ये बच्चियां बड़ी होकर उससे ज्यादा खूबसूरत न हो जाएं। यह जुनून उसे एक साइको किलर बनाता चला गया और अंत में चार मासूमों की बलि चढ़ गई।
पश्चाताप… लेकिन बहुत देर हो चुकी
पुलिस का कहना है कि पूनम ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है। अब जब उसके अपराध सामने आ चुके हैं, वह पछतावा जताती है। लेकिन यह पछतावा उन चार नन्हीं जिंदगियों को वापस नहीं ला सकता, जिन्हें उसने अपनी विकृत सोच की भेंट चढ़ा दिया।
एक खूबसूरत चेहरा… जिसके पीछे छिपा था अंधेरा
जब से पूनम का चेहरा सामने आया है, सोशल मीडिया पर एक ही सवाल छाया है, क्या खूबसूरती के पीछे छिपा यह जुनून किसी फिल्म के विलेन से भी ज्यादा खतरनाक नहीं ?
हरियाणा इस समय एक ही कहानी पर चर्चा कर रहा है कि कैसे एक साधारण दिखने वाली महिला ने अपने भीतर एक ऐसी दानवी मानसिकता पाली, जिसने चार परिवारों को उजाड़ दिया। यह केस केवल अपराध नहीं बल्कि मानव मन के सबसे अंधेरे कोने की एक झलक है।
