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गाजियाबाद: IGL के फर्जी मैसेज ने डॉक्टर को लगाया ₹6.24 लाख का चूना

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गैस सेवा अपडेट के नाम पर भेजी फर्जी फाइल, इंस्टॉल करते ही मोबाइल पर बना साइबर अपराधियों का कब्जा, पुलिस ने शुरू की जांच

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। साइबर ठगों ने इस बार अपना निशाना एक महिला डॉक्टर को बनाया और केवल एक फर्जी मैसेज के जरिए उनके बैंक खाते से 6.24 लाख रुपये साफ कर दिए। हैरानी की बात यह है कि पूरा खेल किसी बैंक या लोन के नाम पर नहीं, बल्कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की कथित गैस सेवा अपडेट के बहाने खेला गया। जैसे ही डॉक्टर ने मैसेज में भेजी गई APK फाइल डाउनलोड की, कुछ ही मिनटों में उनके मोबाइल और बैंक खाते पर साइबर अपराधियों का नियंत्रण हो गया।

मामला साहिबाबाद के राजेंद्र नगर का है। जानकारी के अनुसार पीड़िता डॉ. कुसुम गुप्ता के मोबाइल पर IGL के नाम से एक संदेश आया, जिसमें गैस सेवा से जुड़ा जरूरी अपडेट बताकर एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा गया। संदेश पूरी तरह वास्तविक प्रतीत हो रहा था, इसलिए उन्होंने बिना किसी संदेह के फाइल इंस्टॉल कर ली। इसके बाद ठगों ने मोबाइल की संवेदनशील जानकारी हासिल कर बैंक खाते से 6.24 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए।

जब खाते से रकम निकलने के संदेश लगातार आने लगे तो डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत गाजियाबाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर अपराधियों के डिजिटल नेटवर्क और बैंकिंग ट्रेल की जांच शुरू कर दी है।

APK बना साइबर ठगों का सबसे खतरनाक हथियार

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार APK फाइलें एंड्रॉयड ऐप का इंस्टॉलेशन पैकेज होती हैं। यदि इन्हें किसी अनजान लिंक या फर्जी संदेश के जरिए डाउनलोड किया जाए तो इनमें छिपा मैलवेयर मोबाइल का रिमोट एक्सेस, बैंकिंग डाटा, पासवर्ड, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी अपराधियों तक पहुंचा सकता है। यही वजह है कि अब गैस, बिजली, बैंक, कुरियर और सरकारी विभागों के नाम पर ऐसे फर्जी संदेश तेजी से भेजे जा रहे हैं।

अब AI का भी सहारा ले रहे हैं साइबर अपराधी

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर लोगों को और अधिक भरोसेमंद तरीके से ठग रहे हैं। वे खुद को AI इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट, ट्रेडिंग एडवाइजर या वित्तीय सलाहकार बताकर कम समय में मोटे मुनाफे का लालच देते हैं। कई मामलों में नकली वीडियो, फर्जी वेबसाइट और AI से तैयार आवाज का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की जाती है।

कैसे बचें इस तरह की ठगी से

किसी भी कंपनी के नाम से आए APK लिंक को कभी डाउनलोड न करें

केवल Google Play Store या अधिकृत ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें

बैंक, गैस कंपनी या किसी सरकारी संस्था के नाम से आए संदिग्ध संदेश की पहले आधिकारिक नंबर या वेबसाइट से पुष्टि करें

OTP, UPI PIN या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति किसी के साथ साझा न करें

ठगी का संदेह होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें और साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं

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