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पहले लगी आग, फिर सामने आया वीडियो! राजनगर की कोठी में आखिर क्या हुआ ?

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गाजियाबाद के पॉश राजनगर में बुजुर्ग व्यापारी ने खुद लगाई आग, वायरल वीडियो ने खोली चौंकाने वाली सच्चाई

NEWS1UP

शिरीष शर्मा

गाजियाबाद। शहर के पॉश इलाके राजनगर सेक्टर-14 की एक कोठी में लगी आग अब केवल अग्निकांड का मामला नहीं रह गया है। घटना के दो दिन बाद सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामला फायर विभाग की जांच से आगे बढ़कर पुलिस की जांच तक पहुंच चुका है।

1 जुलाई को सेक्टर-14 स्थित कोठी संख्या-113 में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उस समय मकान मालिक मुकेश गुप्ता भी घटनास्थल पर मौजूद थे। शुरुआती तौर पर इसे सामान्य अग्निकांड माना गया और राहत कार्य पूरा कर लिया गया।

लेकिन दो दिन बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी।

वायरल वीडियो ने बदला घटनाक्रम का नजरिया

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मकान मालिक मुकेश गुप्ता स्वयं अपने मकान के भीतर आग लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी गहनता से जांच कराई। प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत मिले कि आग किसी आकस्मिक कारण से नहीं, बल्कि जानबूझकर लगाई गई है।

मौके पर आग बुझाते दमकलकर्मी

फायर विभाग ने पुलिस को किया अवगत, परिजनों ने भी भेजा वीडियो

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद फायर विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। वहीं, परिजनों ने भी वायरल वीडियो पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए मामले में विधिक कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण को अपने संज्ञान में लेकर वीडियो की सत्यता, आग लगने की परिस्थितियों और अन्य सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

पारिवारिक कलह की बात आई सामने

फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के पीछे पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव की पृष्ठभूमि हो सकती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण और कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

एक वीडियो… और कई सवाल

एक सवाल यह भी है कि यदि वायरल वीडियो सामने नहीं आता, तो क्या यह मामला केवल एक सामान्य अग्निकांड मानकर बंद हो जाता ? क्या पारिवारिक कलह अब लोगों को ऐसे खतरनाक कदम उठाने तक ले जा रही है ? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल, क्या हर अग्निकांड के पीछे केवल दुर्घटना ही होती है, या कभी-कभी उसके पीछे छिपी होती है एक ऐसी कहानी, जो समय बीतने के बाद सामने आती है ?

राजनगर की यह घटना फिलहाल पुलिस जांच का विषय है, लेकिन इसने यह जरूर साबित कर दिया है कि कई बार सच्चाई आग बुझने के बाद सामने आती है।

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