दादरी में श्रीगंगानगर कांड पर फूटा जनाक्रोश
भाकियू मंच, भाकियू धनसिंह कोतवाल व दादरी बार का कैंडल मार्च, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा और अवैध होटल, गेस्ट हाउस व स्पा सेंटरों पर व्यापक कार्रवाई की उठी मांग
NEWS1UP
संवाददाता
दादरी। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में मंगलवार को दादरी में जनाक्रोश देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन मंच, भाकियू धनसिंह कोतवाल तथा दादरी तहसील बार एसोसिएशन के संयुक्त नेतृत्व में तहसील परिसर से मुख्य चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के माध्यम से एसएचओ दादरी नीरज कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को कठोरतम दंड देने तथा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

भाकियू मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि श्रीगंगानगर की घटना केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं पर हमला है। ऐसी घटनाएं देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बननी चाहिए तथा अपराधियों को ऐसा दंड मिले जो भविष्य में नजीर बने।
प्रदेश प्रभारी विक्रांत भाटी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली एवं एनसीआर में बड़ी संख्या में होटल, गेस्ट हाउस और स्पा सेंटर संचालित हैं। यदि कोई भी प्रतिष्ठान बिना वैध अनुमति संचालित हो रहा है या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूरे क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कराने की भी मांग की।
दादरी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता संदीप कौशिक ने कहा कि श्रीगंगानगर की पीड़ित बच्ची को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए। मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाए तथा सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिया जाए।
भाकियू धनसिंह कोतवाल के प्रतिनिधि जितेंद्र चौधरी ने कहा कि पीड़िता एवं उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा, समुचित आर्थिक सहायता, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय उपचार तथा मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अपराध रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
श्रीगंगानगर की पीड़ित बच्ची को शीघ्र न्याय दिलाया जाए
सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध सुनवाई कराई जाए
पीड़िता एवं उसके परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता, चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली एवं एनसीआर में संचालित अवैध होटल, गेस्ट हाउस एवं स्पा सेंटरों की विशेष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए
इस अवसर पर अजब सिंह भाटी, वंश यादव, अतुल शर्मा, सचिन पहलवान, हर्ष मुकदम, अशोक, हरेंद्र नागर, सचिन शर्मा, प्रशांत शर्मा, अनुज गुर्जर, दानिश, डॉ. मोहसिन, राजा, अब्दुल कादिर, गुलफाम, साहिद, ललित गौतम, कपिल, योगेश, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, किसान संगठन के पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
