यूपी की धरती किसी गैंग की शरणस्थली नहीं बनेगी: DGP राजीव कृष्ण
अंकित बालियान हत्याकांड में दो शूटर ढेर, 50-50 हजार का था इनाम
गोगी-टिल्लू गैंगवार और एक विवादित गाने से जुड़ीं हत्या की कड़ियां
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। अंकित बालियान हत्याकांड के दो कथित शूटरों के शामली में एनकाउंटर के बाद यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण का यह बयान सीधे उन आपराधिक नेटवर्कों के लिए चेतावनी है, जो प्रदेश की सीमा के बाहर बैठकर यूपी में वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।

हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के महज पांच दिन बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो शूटरों मोहित और सुमित को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
DGP का सीधा संदेश: जहां छिपे हो, कानून पहुंचेगा
लखनऊ में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि अपराधी चाहे प्रदेश से बाहर हों, जेल में हों या विदेश में बैठकर साजिश रच रहे हों, उन्हें किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। यूपी की जमीन को किसी गैंग की रंजिश या शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और उनके पीछे की साजिशों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी। बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय को इस मामले के कम समय में खुलासे का महत्वपूर्ण कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि-
कानून के लंबे हाथ उन अपराधियों तक जरूर पहुंचेंगे, जो कहीं भी छिपने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस टीम की कार्रवाई के लिए डीजीपी ने 2 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की।
शामली में घेराबंदी, फायरिंग और फिर एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक शामली कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई। दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों गोली लगने से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। मुठभेड़ में आरोपियों की गोली से शामली SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी घायल हुए हैं।
14 मुकदमों वाला मोहित, सुमित पर भी केस
पुलिस के अनुसार मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सुमित के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। यानी अंकित की हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए कथित शूटर पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे।
एक गाना बना हत्या की वजह ?
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू एक गाना है। अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने में अभिनय किया था। गाने को YouTube पर करीब 5.4 करोड़ व्यूज मिले। पुलिस के मुताबिक गाने को लेकर गोगी गैंग नाराज था और इसे जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या से जोड़कर देखा गया।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022-23 में अंकित को इस संबंध में धमकी भी दी गई थी। अंकित ने कथित तौर पर सफाई दी थी कि उन्होंने सिर्फ गाने में अभिनय किया है और गाना अथवा उसकी धुन उनकी नहीं है। इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ।
गोगी-टिल्लू गैंगवार से जुड़ी पुरानी दुश्मनी
जांच में पुलिस को इस हत्याकांड के पीछे गोगी-टिल्लू गैंगवार की पुरानी रंजिश का एंगल भी मिला है। 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के बाद गैंगवार ने नया मोड़ लिया था। करीब डेढ़ वर्ष बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित बालियान की हत्या में इस पुरानी गैंगवार की भूमिका कितनी गहरी थी।
11 अधिकारियों की टीम ने जोड़ीं डिजिटल कड़ियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए 11 अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई थी। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। टीम ने CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी, डिजिटल गतिविधियों, आरोपियों की आवाजाही, ठहरने के स्थान, भुगतान और आपसी संपर्कों को खंगाला। इसी जांच के आधार पर मोहित और सुमित की पहचान कथित शूटरों के रूप में हुई।
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर 26-27 अगस्त को राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े Instagram अकाउंट से अंकित की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने संबंधी पोस्ट भी सामने आया। पुलिस ने इसे भी जांच में शामिल किया है।
दो शूटर ढेर, लेकिन साजिश के कई सवाल बाकी
26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे अंकित बालियान की शामली के नालापिरी स्थित फिटनेस जिम के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस के मुताबिक चार हथियारबंद बदमाश वारदात में शामिल थे। दो कथित शूटरों के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है,
बाकी शूटर कौन हैं और इस पूरी साजिश के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है ?
शरण देने वालों, हथियार और पैसा उपलब्ध कराने वालों तथा पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
