14वीं मंजिल का सच क्या है ? बॉक्सर प्रथम की मौत की जांच अब SIT के हवाले
प्रतीकात्मक इमेज
मोबाइल खुलेंगे, CCTV बोलेगा और घटना का होगा री-क्रिएशन
तय होगा प्रथम की मौत का सच!
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। महागुनपुरम की 14वीं मंजिल से गिरकर हुई होनहार बॉक्सर प्रथम सिंह की मौत अब एक नई और अहम जांच के दौर में पहुंच गई है। क्या प्रथम ने खुद मौत को गले लगाया या उसे 14वीं मंजिल से नीचे गिराया गया ? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस कमिश्नर ने छह सदस्यीय SIT गठित कर दी है। अब इस मामले में हर डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज, घटनास्थल और गवाह के बयान को नए सिरे से जांचा जाएगा।

SIT की कमान ACP साहिबाबाद, अमित सक्सेना को सौंपी गई है। ACP कविनगर रहे सिद्धार्थ गौतम को सह-विवेचक बनाया गया है। टीम में साइबर थाना प्रभारी संतोष तिवारी और क्राइम ब्रांच की SWAT टीम प्रभारी अनिल राजपूत समेत छह अधिकारी शामिल हैं।
अब मोबाइल और लैपटॉप बताएंगे कहानी की छिपी कड़ियां
जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार देने के लिए प्रथम तथा आरोपी पक्ष के लोगों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य जरूरी सामान डेटा रिकवरी के लिए दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक लैब (CFSL) भेजे गए हैं। पुलिस इन उपकरणों से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों को घटनाक्रम से जोड़कर देखेगी। किससे बातचीत हुई, घटनाक्रम से पहले और बाद में क्या डिजिटल गतिविधियां हुईं और क्या कोई ऐसा साक्ष्य मौजूद है जो मौत की परिस्थितियों पर रोशनी डाल सके, इन सभी पहलुओं की जांच होगी।
यानी अब केस केवल आरोपों और बयानों पर नहीं, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों की कसौटी पर भी परखा जाएगा।
14वीं मंजिल पर क्या हुआ था ? यही है जांच का सबसे बड़ा सवाल

13 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे प्रथम सिंह की महागुनपुरम सोसाइटी की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। प्रथम की मां नीतू रानी ने उसकी प्रेमिका रितिका, उसके पिता ललित प्रजापति और भाई जतिन प्रजापति समेत अन्य लोगों पर मारपीट के बाद प्रथम को ऊपर से फेंकने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस की जांच में हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं को साक्ष्यों के आधार पर परखा जाएगा।
SIT अब इस सवाल का जवाब तलाशेगी कि प्रथम सोसाइटी में कब पहुंचा, किस रास्ते से 14वीं मंजिल तक गया, वहां उसके साथ कौन-कौन था और नीचे गिरने से ठीक पहले क्या घटनाक्रम हुआ।
मां का दावा: मारपीट के बाद प्रथम को फेंका गया

प्रथम की मां नीतू रानी ने आरोप लगाया है कि जिस टावर से उनका बेटा नीचे गिरा, उसी टावर में प्रथम की प्रेमिका रितिका अपने परिवार के साथ रहती है। उनका दावा है कि CCTV फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि प्रथम के साथ मारपीट हुई और इसके बाद उसे ऊपर से नीचे फेंका गया।
CCTV से लेकर चीख-पुकार के वीडियो तक, हर साक्ष्य की होगी जांच
SIT ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज में प्रथम के सोसाइटी में आने और लिफ्ट से ऊपर जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस को एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें घटना के दौरान किसी व्यक्ति के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई देती है। परिवार का दावा है कि यह आवाज प्रथम की है और यह उसी समय की है जब उसके साथ कथित रूप से मारपीट की जा रही थी।
हालांकि वीडियो में प्रथम दिखाई नहीं देता। इसलिए आवाज किसकी है और वीडियो का घटना से क्या संबंध है, यह अब जांच और फॉरेंसिक परीक्षण का विषय होगा। सोसाइटी के गार्डों और उन रेजीडेंट्स से भी पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने घटना के समय शोर या बचाव की आवाज सुनने की बात कही है।
घटना का री-क्रिएशन, फिर जोड़ी जाएंगी एक-एक कड़ी
SIT घटना का री-क्रिएशन भी कराएगी। इसका मकसद यह समझना होगा कि उपलब्ध परिस्थितियों में घटना किस तरह हुई और CCTV, बयानों तथा भौतिक साक्ष्यों के बीच क्या संबंध बनता है। परिजनों ने पूर्व विवेचना पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनका आरोप था कि उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया।
अब SIT के गठन के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।
फैसला आरोपों से नहीं, साक्ष्यों से होगा
प्रथम की मौत को लेकर परिवार के आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है। हत्या हुई या आत्महत्या, इसका फैसला अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल डेटा, CCTV फुटेज, री-क्रिएशन और गवाहों के बयानों को जोड़कर होगा।
