KDP Grand Savana में 18 सितंबर से AOA का धरना, N-111 में निर्माण रोकने की मांग!
कॉमन गेस्ट हाउस के कथित हस्तांतरण और निर्माण को लेकर आर-पार की तैयारी
DM को दी लिखित सूचना, GDA उपाध्यक्ष से तत्काल कार्रवाई की मांग
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित केडीपी ग्रैंड सवाना सोसाइटी में कॉमन सुविधा और N-111 को लेकर चल रहा विवाद अब धरने तक पहुंच गया है। अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने 17 सितंबर से धरना शुरू करने की घोषणा की है। धरने की लिखित सूचना जिलाधिकारी को दी गई है। एओए ने साफ किया है कि उसकी प्रमुख मांगों में N-111 के रूप में किए जा रहे कथित निर्माण कार्य को तत्काल रोकना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है।

AOA का आरोप है कि परियोजना के मूल दस्तावेजों में सामान्य सुविधा के रूप में दर्ज गेस्ट हाउस को बाद में कथित रूप से निजी संपत्ति में बदलने और उसे N-111 के रूप में विकसित करने का मामला सामने आया है। एसोसिएशन ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए GDA के उपाध्यक्ष को शिकायत भेजी है।
धरने के पीछे क्या है विवाद ?
AOA के मुताबिक परियोजना के ब्रोशर और 10 फरवरी 2014 के घोषणा-पत्र (DOD) में कम्युनिटी हॉल और गेस्ट हाउस को सामान्य सुविधा के रूप में दर्शाया गया था। शिकायत में गेस्ट हाउस का क्षेत्रफल करीब 158.23 वर्गमीटर बताया गया है।
एओए का आरोप है कि वर्ष 2021 में इस गेस्ट हाउस का श्रीमती मीना गोयल के पक्ष में कथित विक्रय/हस्तांतरण किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि वह बिल्डर/निर्माता की भाभी हैं। AOA ने इस हस्तांतरण को लेकर संबंधित सेल डीड और मूल परियोजना अभिलेखों की जांच की मांग की है।

158.23 से 174.5 वर्गमीटर तक पहुंचा मामला
AOA की शिकायत में कहा गया है कि पूर्ववर्ती गेस्ट हाउस को अब N-111 के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार गेस्ट हाउस का क्षेत्रफल करीब 158.23 वर्गमीटर था, जबकि वर्तमान N-111 का क्षेत्रफल करीब 174.5 वर्गमीटर बताया जा रहा है और इसे 4-BHK आवासीय इकाई के तौर पर प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
एसोसिएशन ने GDA से मौके पर वास्तविक माप कराने और मूल स्वीकृत नक्शे से उसका मिलान कराने की मांग की है।
UP Apartment Act की धाराओं का भी हवाला
AOA ने अपनी शिकायत में उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम, 2010 की धारा 5(4), 5(5), 5(6), 6(2) और 25 समेत संबंधित प्रावधानों का हवाला दिया है।

एओए सचिव राहुल बालियान का कहना है कि सामान्य क्षेत्र और सामान्य सुविधाओं की कानूनी स्थिति, उनके उपयोग में बदलाव तथा कथित हस्तांतरण की वैधानिकता की जांच जरूरी है। यही कारण है कि AOA ने केवल दस्तावेजी जांच नहीं, बल्कि मौके का तकनीकी निरीक्षण कराने की भी मांग की है।
N-111 में निर्माण रोकने की मांग
धरने की प्रमुख मांगों में N-111 के रूप में किए जा रहे कथित निर्माण कार्य को तत्काल रोकना शामिल है। AOA ने GDA से बिना पूर्व सूचना संयुक्त तकनीकी एवं प्रवर्तन निरीक्षण कराने की मांग की है। इसमें कम्युनिटी हॉल, गेस्ट हाउस और N-111 का भौतिक मापन, मूल स्वीकृत नक्शे से तुलना, संरचनात्मक स्थिति की जांच तथा जल रिसाव और सीवरेज की स्थिति का परीक्षण करने की मांग की गई है।
जल रिसाव और सीवरेज ने बढ़ाई चिंता
शिकायत में कथित निर्माण और संरचनात्मक बदलाव के बाद जल रिसाव एवं सीवरेज की समस्या सामने आने का भी आरोप लगाया गया है। AOA के अनुसार इससे आसपास के फ्लैटों और भवन के अन्य हिस्सों पर असर पड़ने की आशंका है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अनुरक्षण टीम को निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत के लिए संबंधित स्थान में प्रवेश करने से रोका गया।
