ATS एडवांटेज में मचा ‘हड़कंप’, फिर खुला राज: यह हादसा नहीं, सुरक्षा का सबसे बड़ा LIVE TEST था!!
आग लगी तो क्या होगा ? भूकंप आया तो कैसे बचेंगे लोग ?
गाजियाबाद में हाईराइज इमरजेंसी रिस्पॉन्स का हुआ बड़ा परीक्षण
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम के अहिंसा खंड-1 स्थित एटीएस एडवांटेज सोसायटी में शुक्रवार को अचानक सायरन, रेस्क्यू टीमों की सक्रियता, मेडिकल इंतजाम और सुरक्षित निकासी का नजारा दिखाई दिया। कुछ देर के लिए पूरा माहौल किसी वास्तविक आपदा जैसा नजर आया। लेकिन यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि राज्य स्तरीय मॉक इमरजेंसी ड्रिल थी, जिसमें हाईराइज परिसर में किसी बड़े संकट से निपटने की तैयारियों का लाइव टेस्ट किया गया।

सिर्फ मॉक ड्रिल नहीं, पूरी इमरजेंसी व्यवस्था की परीक्षा
आग लगने, भूकंप और अन्य आपात परिस्थितियों का परिदृश्य तैयार कर यह देखा गया कि संकट की स्थिति में लोगों को कितनी तेजी से सुरक्षित निकाला जा सकता है, रेस्क्यू टीम कितनी जल्दी सक्रिय होती है और अलग-अलग सरकारी एजेंसियां आपस में किस तरह तालमेल बनाकर काम करती हैं।
मॉक रेस्क्यू और राहत-बचाव अभियान के साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था भी प्रदर्शित की गई। इसके लिए परिसर में अस्थायी अस्पताल बनाया गया, जहां आपात स्थिति में मेडिकल रिस्पॉन्स का अभ्यास किया गया।

ADM से NDRF तक, एक साथ उतरी पूरी टीम
ड्रिल में गाजियाबाद प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ टीमें शामिल रहीं। ADM वित्त अंजनी कुमार सिंह, CFO राहुल पाल, ACP सूर्यबली मौर्य, NDRF कमांडेंट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सिविल डिफेंस अधिकारी सहित संबंधित विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास में भाग लिया।
यानी एक ही परिसर में प्रशासन, पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, NDRF और सिविल डिफेंस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमता को परखा गया।

गाजियाबाद से दिल्ली और लखनऊ तक LIVE
इस राज्य स्तरीय अभ्यास की एक बड़ी खासियत इसका LIVE टेलीकास्ट रहा। ATS Advantage में चल रहे इमरजेंसी ड्रिल के दृश्य दिल्ली और लखनऊ तक प्रसारित किए गए। इससे साफ है कि यह सामान्य सोसायटी स्तर की मॉक ड्रिल नहीं थी, बल्कि बड़े पैमाने पर आपदा प्रबंधन और हाईराइज इमरजेंसी रिस्पॉन्स की तैयारियों का प्रदर्शन था।
AOA ने कहा, सुरक्षा के लिए सीखने का बड़ा मौका
एटीएस एडवांटेज AOA के सचिव सुमित चौधरी ने कहा कि परिसर में इतने बड़े स्तर और सुव्यवस्थित तरीके से मॉक इमरजेंसी ड्रिल का आयोजन महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने गाजियाबाद प्रशासन और सभी संबंधित विभागों का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से सोसायटी की सुरक्षा और फायर टीमों को त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझने तथा अपनी तैयारियों को और मजबूत करने का अवसर मिला।
