क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7 के जल संकट पर प्रशासन सक्रिय, भूजल विभाग ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ ने लिया संज्ञान, भूजल विभाग की अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांची स्थिति
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7 सोसाइटी के टावर-1 और टावर-2 में पानी की समस्या अब सीधे प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गई है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ से क्रॉसिंग रिपब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित चौधरी और महासचिव अभय सिंह की मुलाकात के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ कुमार सौरभ ने भूजल विभाग को मौके की वास्तविक स्थिति की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग की अधिकारी सृष्टि जायसवाल ने जीएच-7 पहुंचकर पंप रूम-1 और दोनों मौजूदा बोरवेल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित टावरों के निवासियों से बातचीत कर पानी की समस्या की जमीनी हकीकत भी जानी।
शिकायतों के बीच नए बोरवेल पर जांच

प्रस्तावित नए बोरवेल को लेकर कुछ निवासियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन ने वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टावर-1 और टावर-2 के लिए स्थायी जलापूर्ति की आवश्यकता क्या है और मौजूदा व्यवस्था कितनी पर्याप्त है।
अब सामने आएगी निवासियों की राय
भूजल विभाग के निर्देश पर सीआरआईएओए द्वारा सोसाइटी में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। सहमति पत्र के माध्यम से प्रत्येक निवासी नए बोरवेल के संबंध में अपनी सहमति या असहमति दर्ज कर सकेगा।
सीआरआईएओए का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति के पक्ष या विरोध में माहौल बनाना नहीं, बल्कि प्रशासन के सामने जीएच-7 की वास्तविक जल समस्या और निवासियों की राय को तथ्यात्मक रूप से रखना है।
