[t4b-ticker]

जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर बहस तेज! PM मोदी पर योगी-अखिलेश के अलग-अलग सुर

0
FF

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ/नोएडा। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने संबंधी प्रस्ताव पारित होने की जानकारी दी। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। एक ओर सरकार इस पहल को प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा यात्रा के सम्मान से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष ने इसे राजनीतिक नजरिये से उठाया है।

योगी सरकार: प्रधानमंत्री की 25 साल की जनसेवा यात्रा का सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के अभिनंदन में विशेष प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के नामकरण संबंधी प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इसके चार चरणों में विकसित होने की योजना है, जिससे भविष्य में इसकी यात्री क्षमता और परिचालन सुविधाओं का विस्तार होगा।

अखिलेश यादव का पलटवार: जाने वाले लोग निशानी छोड़ना चाहते हैं

 

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नामकरण के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि जाने वाले लोग केवल याद रखने के लिए अपना नाम रखना चाहते हैं और अपनी निशानी छोड़कर जाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की कुर्सी छिनने वाली है, इसलिए एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखा जा रहा है।

अखिलेश यादव ने डबल इंजन सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसके पास जनता के लिए अपना कोई काम नहीं है। उनका बयान नामकरण के फैसले के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री की कुर्सी को लेकर उनकी टिप्पणी एक राजनीतिक दावा है, न कि कोई स्थापित तथ्य।

विकास की परियोजना या राजनीतिक संदेश ?

जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर की हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। इसके विस्तार से उत्तर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में एयरपोर्ट के नामकरण का फैसला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है।

भाजपा सरकार इस पहल को प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा और विकास में योगदान के सम्मान के रूप में प्रस्तुत कर रही है। वहीं, अखिलेश यादव ने इसे लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं।

जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अलग-अलग तर्कों ने इस परियोजना को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!