योगी सरकार में बदली अयोध्या की तस्वीर की मॉस्को तक चर्चा, रामलीला से सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत करने की पहल
‘रूसी राम’ गेनादी पेचनिकोव की जन्मशताब्दी पर भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों की चर्चा
अयोध्या के विकास की सराहना
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। अयोध्या में हुए विकास कार्यों और भगवान श्रीराम की सांस्कृतिक विरासत की चर्चा अब रूस की राजधानी मॉस्को तक पहुंच रही है। सोवियत रंगमंच के प्रतिष्ठित अभिनेता और ‘रूसी राम’ के नाम से विख्यात गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह में रूसी कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने अयोध्या के विकास की सराहना की। साथ ही मॉस्को में रामलीला के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों को प्रस्तुत करने की इच्छा जताई।

बाल रंगमंच की निदेशक अल्ला लियोनिदोव्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में हुए विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
पेचनिकोव की पुत्री तात्याना पेचनिकोव ने कहा कि उनके पिता ने भगवान राम की भूमिका निभाकर भारतीय संस्कृति को रूसी समाज से जोड़ने में अहम योगदान दिया। वहीं, मॉस्को के एर्शोव थिएटर संस्थान के वीसी बिताली एवगेनिविच दाशिंस्की ने कहा कि पेचनिकोव ने रूसी लोगों को राम और रामराज्य की अवधारणा से परिचित कराया।
संस्थान की रेक्टर अलेक्जेंड्रा कोनेवा ने भगवान राम के जीवन को बेहतर ढंग से जीने की प्रेरणा देने वाला बताया। समारोह में रामलीला के निर्माता एवं निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह ने भी पेचनिकोव के अभिनय और भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान को याद किया।
