October 20, 2026
[t4b-ticker]

साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में पंकज नारायण सक्सेना को मिला ‘काव्य अक्षर सम्मान-2026’

0
F

हिंदी भवन में ट्रू मीडिया के साहित्यिक आयोजन में 52 रचनाकारों की कविताओं से सजे संकलन का लोकार्पण

साहित्य और संस्कृति जगत की हस्तियों की रही मौजूदगी

NEWS1UP

संवाददाता

नई दिल्ली। साहित्य सृजन, कला-संस्कृति और राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे जनसंपर्क विशेषज्ञ, लेखक एवं रचनाकार पंकज नारायण सक्सेना को प्रतिष्ठित ‘काव्य अक्षर सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में रविवार को साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित संस्था एवं चैनल ‘ट्रू मीडिया’ की ओर से आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। इसी अवसर पर ‘कविताओं का साझा संग्रह भाग-3’ का लोकार्पण भी हुआ, जिसमें पंकज नारायण सक्सेना की दो कविताओं सहित 52 रचनाकारों की रचनाओं को स्थान दिया गया है।

समारोह में ट्रू मीडिया के संपादक डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति सहित साहित्य और संस्कृति जगत से जुड़ी अनेक गणमान्य हस्तियां एवं प्रतिष्ठित रचनाकार उपस्थित रहे। साहित्यिक गरिमा और रचनात्मक अभिव्यक्ति को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मान समारोह और काव्य संग्रह के लोकार्पण के माध्यम से साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित किया गया।

साहित्य, संस्कृति और हिंदी के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता

पंकज नारायण सक्सेना जनसंपर्क विशेषज्ञ होने के साथ-साथ लेखन और साहित्य सृजन से भी जुड़े हैं। साहित्य, कला, संस्कृति तथा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के अतिरिक्त वह सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी अपना योगदान देते रहे हैं। साझा काव्य संग्रह में उनकी दो कविताओं का प्रकाशन उनके रचनात्मक लेखन को व्यापक साहित्यिक मंच प्रदान करता है।

‘काव्य अक्षर सम्मान-2026’ से उनका सम्मानित होना उनके साहित्यिक सफर की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह अवसर ऐसे रचनाकारों की भूमिका को भी सामने लाता है, जो अपने पेशेवर दायित्वों के साथ साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़कर हिंदी की रचनात्मक परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

52 रचनाकारों की कविताओं से सजा साझा संकलन

‘कविताओं का साझा संग्रह भाग-3’ में 52 रचनाकारों की कविताओं को शामिल किया गया है। साझा संकलन साहित्यकारों की विविध रचनात्मक अभिव्यक्तियों को एक पुस्तक में संजोने के साथ उन्हें पाठकों तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। ट्रू मीडिया की इस पहल के जरिए विभिन्न रचनाकारों की कविताओं को एक साझा मंच मिला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!